ट्रिपल तलाक पर केंद्रीय मंत्री कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बसपा सुप्रीमो मायावती और कांग्रेसी नेता प्रियंका गांधी को घेरा। केंद्रीय मंत्री ने इलाहाबाद में कहा कि ट्रिपल तलाक से सबसे ज्यादा पीड़ित उत्तर प्रदेश की महिलाएं हैं। समझ में नहीं आता कि महिला होने के बावजूद मायावती और प्रियंका गांधी ट्रिपल तलाक पर अपना रुख स्पष्ट क्यों नहीं कर रही हैं। भाजपा लगातार इस मामले में इन दोनों नेताओं का स्टैंड जानना चाह रही है। कानून मंत्री ने इस दौरान यूपी की बेहाल कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कहा कि पूरे प्रदेश में खौफ का माहौल बना है।
ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर में अधिवक्ता महापंचायत को संबोधित करने से पूर्व कानून मंत्री ने सिविल लाइंस में एक प्रेस कांफ्रेंस भी की। यहां उन्होंने तीन तलाक को लेकर कहा कि 20 इस्लामिक देशों में ये या तो नियंत्रित किया गया है या पाबंद किया है। यहां सपा, बसपा, कांग्रेस इस मामले में चुप हैं। भाजपा ‘नारी न्याय, नारी समानता, नारी गरिमा’ की ही बात कर रही है। कानून मंत्री ने गायत्री प्रजापति मामले में भी यूपी सरकार को घेरा। कहा कि अगर पीड़ित महिला कोर्ट न जाती तो शायद एफआईआर तक भी दर्ज न होती। ये दर्शा रहा है कि अखिलेश राज में अपराध का बोलबाला है। हर तरफ खौफ का माहौल है। कहा कि तीन चरण में हो चुके मतदान से यूपी में बदलाव के संकेत मिले हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में बदलाव का तूफान आ गया है। उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी निशाना साधा। कहा कि यूपी के देवरिया से खाट सभा शुरू करने वाले और ‘27 साल यूपी बेहाल’ का नारा लेकर चलने वाले राहुल गांधी ने गठबंधन कर 27 में से 05 साल घटा दिए हैं। ये हताशा और हारे हुए दो लोगों का गठबंधन है। इसे कृत्रिम गठबंधन भी कहा जा सकता है। रविशंकर ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ एक परिवार की ही वफादार है। पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री, चौधरी चरण सिंह, वीपी सिंह, चंद्रशेखर के साथ कांग्रेस ने क्या किया यह किसी से छिपा नहीं है। अपने खुद के पीएम नरसिम्हा राव का पार्थिव शरीर भी इस पार्टी ने कांग्रेस दफ्तर नहीं आने दिया।
आजम को गंभीरता से नहीं लेती है भाजपा
0 सूबे के नगर विकास मंत्री आजम खां के ‘नौकरी एवं कारोबार न होने की वजह से मुस्लिम आबादी बढ़ रही है’ बयान दिए जाने के मामले पर केंद्रीय रविशंकर ने कहा कि भाजपा उन्हें गंभीरता से नहीं लेती है। उन्हें जो बोलना है बोलने दीजिए।