कानपुर। आईसीएआई की सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल की ओर से सोमवार को लखनपुर स्थित सीए संस्थान में आईसीएआई ग्लोबल ऑर्बिट-जीसीसी से ग्लोबल लीडरशिप तक विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए देश-विदेश में तेजी से नए अवसर बढ़ रहे हैं। बड़े शहरों के अलावा छोटे शहरों में मांग बढ़ी है।
सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल के चेयरमैन सीए अंकुर गोयल ने कहा कि गोष्ठी में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को विदेशी कंपनियों और वैश्विक क्षमता केंद्रों के साथ काम करने के तरीके बताए गए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग और भविष्य में काम करने के बदलते तरीकों पर चर्चा हुई।
केंद्रीय परिषद सदस्य अनुज गोयल ने वैश्विक क्षमता केंद्रों के साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थानों के सहयोग के अवसरों पर बात की। ग्लोबल ट्रेड एंड सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष संजीव सांघी ने विदेश में पहला ग्राहक प्राप्त करने के तरीके बताए। आईआईटी कानपुर के प्रो. विमल कुमार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सही उपयोग से काम को आसान, तेज और बेहतर बनाने पर प्रकाश डाला। आईएफएससीए के महाप्रबंधक आशुतोष शर्मा, सहायक महाप्रबंधक कल्पेश मेहता, दीप कुमार मिश्रा, राजेश मेहरा, अनिल सक्सेना, शाश्वत गुप्ता, शिवा गुप्ता, मनु अग्रवाल, शिवम गुप्ता आदि मौजूद रहे।