रेप से आहत यूपी के जालौन जिले में इंटर की छात्रा ने बर्रा में शुक्रवार सुबह पांडु नदी में छलांग लगा दी। देर शाम तक गोताखोरों ने छात्रा की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। छात्रा चार दिन पूर्व पिता के साथ तात्याटोपे नगर में चाचा के घर आई थी। पुलिस का कहना है कि शनिवार को गोताखोरों से फिर तलाश कराई जाएगी।
जालौन के कठौंद थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति की 16 वर्षीय बेटी इंटर की छात्रा है। 9 अगस्त को छात्रा घर पर अकेली थी। छात्रा के पिता पत्नी का इलाज कराने कानपुर आए थे। उसी रात 10 बजे दीवार फांदकर पड़ोसी नीरज उर्फ राम नरेश और गोपाल यादव घर में घुस गए। इसके बाद दोनों ने छात्रा से दुष्कर्म किया। छात्रा के शोर मचाने पर पहुंचे पड़ोसियों ने उसके परिजनों और पुलिस को सूचना दी। तबतक आरोपी भाग निकले।
पुलिस ने छात्रा को सीएचसी में भर्ती कराया था, जहां से झांसी जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चार दिन पूर्व अस्पताल से छुट्टी के बाद पिता बदनामी के डर से छात्रा को बर्रा के तात्या टोपे नगर में रहने वाले रेलवे कर्मी भाई के घर ले आए थे। परिवार वालों के मुताबिक शुक्रवार सुबह छात्रा घर से बाहर निकली।
इसके बाद वह अपने गांव लौटने को तैयार नहीं थी
डेमो पिक
इसके बाद दौड़ते हुए तात्या टोपे नगर पुल से पांडु नदी में छलांग लगा दी। हो-हल्ला मचने पर दो युवक नदी में कूदे, लेकिन एक घंटे की मशक्कत के बाद भी छात्रा का पता नहीं लगा सके। दोपहर बाद पुलिस ने छह गोताखोर उतारे लेकिन अंधेरा होने तक छात्रा का कुछ भी पता नहीं चल सका। इंस्पेक्टर रवि श्रीवास्तव का कहना है कि शनिवार को फिर नदी में छात्रा की तलाश करवाई जाएगी।
इंटर की छात्रा के साथ 9 अगस्त की रात पड़ोसी युवकों ने जो हैवानियत की थी, उसके बाद से छात्रा अपने घर ही नहीं बल्कि गांव की गलियों से खौफ खाने लगी थी। यही वजह थी कि झांसी में इलाज के दो दिन बाद छात्रा जब कोर्ट में बयान देने आई तो फिर इसके बाद वह अपने गांव लौटने को तैयार नहीं थी। इस कारण परिजनों ने उसे कानपुर के बर्रा स्थित तात्याटोपे नगर में रिश्तेदार के घर भेज दिया था।
बस यही कहती थी कि कहीं भी ले जाओ पर गांव नहीं जाएगी
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करीबियों के मुताबिक वह हर वक्त परिजनों से बस यही कहती थी कि कहीं भी ले जाओ पर गांव नहीं जाएगी। मजबूरन घरवालों ने छात्रा को कानपुर रिश्तेदार के घर भेजने का फैसला किया। क्या मालूम था कि वह वहां पर भी अपने साथ हुई घटना को भुला नहीं पाएगी और नदी में छलांग लगा देगी। छात्रा के परिवार के करीबी लोगों की मानें तो दरिंदगी की घटना इस हद तक छात्रा के दिलो दिमाग पर छा गई थी, उसे अपना जीना भी गंवारा नहीं लग रहा था।
बेबस पिता अक्सर यही कहता था कि बेटी के साथ पूरा परिवार ही घुट घुट कर जी रहा है। इस बारे में कुठौंद थाना प्रभारी सुनील तिवारी ने बताया कि 13 अगस्त को छात्रा कोर्ट में बयान देने के लिए आई थी, इसके बाद ही परिजनों ने उसे कानपुर किसी रिश्तेदार के घर भेज दिया था। वहां क्या हुआ फिलहाल इसकी कोई जानकारी अभी तक कानपुर से नहीं मिली है। फिलहाल गांव वालों को भी जबसे घटना की जानकारी हुई है, सभी स्तब्ध हैं।