कानपुर देहात। अकबरपुर क्षेत्र के एक गांव से करीब पांच साल पहले एक युवती को उसी गांव का रहने वाला युवक झांसा देकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया था। मामले में पीड़िता ने युवक के चंगुल से छूटकर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी को दोष सिद्ध करते हुए उसे दस साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर अर्थदंड भी लगाया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित सिंह चौहान व अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अकबरपुर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह 12 जुलाई 2019 को अपने घर पर काम कर रही थी। उसी समय गांव के रहने वाले आरिफ व जाकिर ने उसे बहन के घर जाने की बात कह साथ ले गए। रास्ते में दोनों व्यक्तियों ने उसे कोई नशीली चीज खिला दी, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद दोनों युवती को हैदराबाद ले गए। वहां रखकर उसके साथ मारपीट कर उसका शारीरिक शोषण करते रहे किसी तरह मौका पाकर युवती अपने घर आईं। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए पीड़िता के बयान, चिकित्सीय रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी आरिफ के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में आरोपपत्र अदालत में पेश किए थे। मामले की सुनवाई अपर जिला जज / एफटीसी प्रथम सुरेंद्र सिंह की अदालत में चल रही थी। बुधवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी आरिफ को दोषसिद्ध करते हुए उसे दस साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उसपर पंद्रह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अर्थदंड अदा न करने पर दस माह का अतिरिक्त कारावास काटने के आदेश दिए हैं।