बचपन में माता-पिता से बिछड़ कर दर-दर की ठोकर खाने वाली रानी की जिंदगी को लंबे वक्त के बाद खुशियों के पंख लगने जा रहे हैं। रानी की जिंदगी के सुहाने सफर की शुरुआत को थोड़ा वक्त बचा है। दूसरी लड़कियों की तरह चार दिन बाद वह भी किसी की बहू तो किसी की पत्नी का फर्ज निभाने लगेगी। रानी के चेहरे पर सुनहरे भविष्य को लेकर खुशी के भाव हैं तो अपनों से बिछड़ने का मलाल भी है।
शार्ट स्टे होम की काउंसलर पुष्पा मौर्या, रानी के व्यवहार की इतना कायल हुईं कि उन्होंने उसका ब्याह रचाने का न सिर्फ फैसला किया बल्कि दूल्हा से लेकर जयमाला का स्थान भी चुना। गायत्री प्रज्ञापीठ में विवाह की रस्में होंगी। इसके बाद बिंदकी के मनीष और रानी एक-दूजे के हो जाएंगे। पुष्पा कहती हैं कि यह उनका दूसरा प्रयास है। इससे पहले भी वह एक और अनाथ लड़की का ब्याह कर चुकी हैं।