डॉ. रामविलास वेदांती
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राम मंदिर पर निर्णय तो जज कर चुके हैं सिर्फ घोषणा होना बाकी है। यह बात जालौन जिले में रामजन्म भूमि न्यास ट्रस्ट सदस्य डॉ. रामविलास वेदांती ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने बताया कि अयोध्या मामले में जितने भी जन्म स्थान के जितने भी साक्ष्य हैं वह सभी रामलला से जुड़े हुए हैं।
वर्ष 1993 में सैयद शहाबुद्दीन ने लोकसभा में कहा था कि यदि वहां रामजन्म के सम्बंध में कोई भी साक्ष्य मिलते हैं तो वहां राम मंदिर निर्माण करवाया जाए। खुदाई के दौरान जो भी साक्ष्य मिले हैं वह पूर्णतया रामजन्म के स्थान को सिद्ध करते हैं।
राम लला के नाम से सरयू नदी, रामघाट, राम वार्ड, राम थाना है। यह सभी हमारे धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है। वेदांती महाराज ने बताया कि जिस जगह राम का जन्म हुआ है वही भव्य मन्दिर बनेगा। साथ ही कहा कि मंदिर के 84 कोशी परिक्रमा के अंदर कोई भी मस्जिद का निर्माण नहीं होगा।
यह नजूल की भूमि है और नजूल भूमि पर केंद्र सरकार का अधिकार होता है। उन्होंने बताया कि जितना विरोध मुसलमानों ने नहीं किया उससे ज्यादा कांग्रेस ने किया। कांग्रेस ने हिन्दू-मुस्लिम को लड़ाने का काम किया।
धारा 370 हटाये जाने पर जितना दुख कांग्रेस को हुआ उतना तो जम्मू कश्मीर के मुस्लिम समाज के लोगों को भी नहीं हुआ। भारत के 80 प्रतिशत मुसलमान रामजन्म भूमि के पक्ष में हैं। आतंकवाद से जुड़े लोग राम मंदिर के विरोध में हैं।
मोदी जी ने जो नारा दिया है सबका साथ,सबका विकास, सबका विस्वास इसी भावना को आधार मानते हुए अयोध्या में श्रीराम मंदिर का भव्य निर्माण अवश्य होगा। देश में सुख शांति एवं सोहार्द कायम होगा। हिन्दू मुसलमान इस देश में आपसी भाईचारे के साथ रहने का काम करेंगे।