राम माधव ने कानपुर से जुड़ीं अपनी यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि हम और यतींद्र सिंह यहां बहुत दिनों तक बुद्धिधर्मी ढूंढते थे। तब तो नहीं मिले थे। लेकिन आज सभागार भरा है। आईआईटी के बबलू कुमार ने लोगों को जोड़ने के लिए कार्य, सीएसए के संजय कुमार स्वर्ण कुमार ने दलाई लामा, डॉ. एच प्रकाश ने कृषि में महिलाओं की सहभागिता, डॉ. जेएस कुशवाहा ने ब्रेन ड्रेन, डीएवी के डॉ. गिरिजेश सिंह ने महिलाओं की भागीदारी, डॉ. आरती लालचंदानी ने सेक्युलरिज्म आदि मुद्दों पर सवाल किए। इस पर उन्होंने सबसे अधिक जोर उद्यम, व्यापार समेत विभिन्न कार्यों में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने और राष्ट्र को सर्वोपरि रखने पर जोर दिया।
किसान आंदोलन गतिरोध खत्म करने को सरकार तैयार
राम माधव का कहना है कि किसान आंदोलन का गतिरोध खत्म करने के लिए केंद्र सरकार तैयार है। किसान संगठन वार्ता करके गतिरोध खत्म करें या फिर सुप्रीम कोर्ट ने जो कमीशन बैठाया है, उसके माध्यम से गतिरोध खत्म हो। किसान के जीवन में परिवर्तन लाने का प्रयास है। जो आंदोलन में खड़े हैं, वे किसान की उपज का व्यापार करते हैं। यह साजिश है।
स्थिति सुधार कर भेजा जाएगा कश्मीरी पंडितों को
राम माधव का कहना है कि कश्मीरी पंडितों का घाटी मेें लौटना तो तय है लेकिन वहां की स्थिति सुधारने के बाद ही उन्हें भेजा जाएगा। उनके लिए काॅलोनी बनाई गईं हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा की भी व्यवस्था करनी पड़ रही है। उनके जीवन यापन के लिए नौकरियों के संबंध में सरकार से बात हुई है।
व्यवस्था दुरुस्त होने जा रही है। इसके बाद वापसी होगी। बंगाल चुनाव पर कहा कि जय श्रीराम का नारा वहां की जनता का आक्रोश है। इसी से ममता बनर्जी नाराज हो रही हैं। ओवैसी के हेलीकॉप्टर में भाजपा के तेल डलवाने संबंधी ममता बनर्जी के बयान पर उन्होंने कहा कि यह बात ममता से ही पूछिए।