कानपुर। कमिश्नरी पुलिस ने डरा धमका, कूटरचित दस्तावेजों से फर्जी रजिस्ट्री कराकर, संपत्ति कब्जाने, मारपीट करने और हत्या कराने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड रामखिलावन और 13 अन्य सदस्यों पर गैंगस्टर लगाया है। राम खिलावन को गैंग लीडर बनाया गया है। इसमें मास्टरमाइंड राम खिलावन समेत चार सदस्य जेल में और 10 बाहर हैं। गैंग को इंटर रेंज 10 नंबर दिया गया है। यह कार्रवाई मंगलवार की शाम को हुई।
स्टाफ ऑफिसर राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि यह गिरोह संगठित तरीके से अपराध करता है। जमीन और संपत्ति के कब्जे के लिए मारपीट और हत्या तक करा चुका है। कानपुर समेत आसपास के जनपदों में भी सक्रिय है। रामखिलावन के खिलाफ सोमवार को भी दीनू गैंग से संपर्क रखने पर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई है।
- नवाबगंज के परमियापुरवा निवासी रामखिलावन (गैंग लीडर), लाल बंगला निवासी सुषमा अवस्थी, लाल बंगला निवासी मनोज कुमार अवस्थी, परमियापुरवा निवासी सुधीर कुमार मिश्रा
- नवाबगंज का आजादनगर निवासी मनोज उर्फ लाला, नवाबगंज के भोपालपुरवा का आलोक, पनकी रतनपुर का नितेश, सीएसए कैंपस निवासी राजेश, आजादनगर का शमशाद आलम, फजलगंज का धर्मेंद्र कुमार वर्मा, फर्रुखाबाद के मुहम्मदाबाद का डॉ. सुबोध दीक्षित, चौबेपुर निवासी दिलनियाज उर्फ रेहान, चौबेपुर बूढ़नपुर का रोहित यादव, बिठूर क्षेत्र का अंकित यादव
रामखिलावन का अपना गैंग हो गया है लेकिन उसका नाम पुलिस ने दीनू गैंग से भी जोड़ दिया है। जमीन और संपत्ति के खेल में दीनू के इशारे पर कार्य करता था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों ही गैंग अलग अलग हैं जबकि दीनू के साथ मिलकर कई कार्य किए हैं। अब अगर आरोपियों के नाम बढ़ते हैं तो गिरोह के सदस्यों की संख्या भी बढ़ जाएगी।