लोढ़ा समिति की सिफारिशों के चलते सचिव राजीव शुक्ला समेत यूपीसीए के पांच पदाधिकारियों की पद से विदाई तय है। इसमें दो उपाध्यक्ष ताहिर हसन, मदन मोहन मिश्रा, कोषाध्यक्ष केएल टंडन के अलावा ज्वाइंट सेक्रेटरी कंपनी लॉ बीसी जैन हैं। शुक्ला और जैन को इसलिए जाना होगा क्योंकि ये पद पर 9-9 साल पूरे कर चुके हैं, जबकि ताहिर हसन, केएल टंडन और मदन मोहन मिश्रा 70 साल की उम्र की सीमा पूरी करने के कारण विदा होंगे।
2 जनवरी 2017 को लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि नौ साल के बाद कोई भी आफिस बियरर (अध्यक्ष, सचिव, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, ज्वाइंट सेक्रेटरी आदि) के पद पर नहीं रहेगा। इसके अलावा 70 साल से अधिक आयु वाले भी आफिस बियरर से हटेंगे। वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का यूपीसीए के निदेशकों पर असर नहीं पड़ेगा। यूपीसीए के निदेशकों को किसी भी तरह का लाभ नहीं दिया जाता है। यह पोस्ट अवैतनिक होती है। ऐसे में यूपीसीए के 11 निदेशक अपने पद पर बने रहेंगे। निदेशक एसके अग्रवाल 26 जनवरी को ग्रीनपार्क में प्रस्तावित भारत और इंग्लैंड के बीच टी-20 मैच की तैयारी में लग गए हैं। वहीं पर निदेशक पीडी पाठक लखनऊ में निर्माणाधीन एकाना स्टेडियम के कार्य को देखने लगे है। ये दोनों 70 साल की उम्र पार कर चुके हैं।
यूपीसीए के सचिव राजीव शुक्ला का कहना है कि 25 जनवरी को वर्किंग कमेटी की बैठक होगी। वर्ष 2005-06 में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को कंपनी बनाया गया था। जो पद खाली हो रहे हैं उन पर कौन बैठेगा इस पर बैठक में निर्णय लिया जाएगा। अभी मैच पर ध्यान केंद्रित है। निदेशक मदन मोहन मिश्रा का कहना है कि अब नई जिम्मेदारी जो मिलेगी उसे संभालेंगे।
ये हैं यूपीसीए के 11 निदेशक
1-ज्योति वाजपेयी, 2-पीडी पाठक,3-मदन मोहन मिश्रा,4-शोएब अहमद, 5-ताहिर हसन, 6-यदुपति सिंहानिया, 7-राजीव शुक्ला, 8-अभिषेक सिंहानिया, 9-अशोक चतुर्वेदी, 10-एसके अग्रवाल,11-प्रेम मनोहर गुप्ता।