दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूल तबेलों में बदल गए हैं। सरकार ने स्कूलों को मजदूर पैदा करने वाली फैक्टरी बना दिया है। सोची समझी साजिश के तहत परिषदीय स्कूलों की दुर्दशा की जा रही है।
मंगलवार की शाम आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि यूपी के सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। स्कूलों में पढ़ाई का वातावरण ही नहीं है। यहां से पढ़कर बच्चे कामयाब नहीं हो सकते।
उन्होंने कहा कि सोची समझी साजिश के तहत सरकारी स्कूलों को कमजोर किया गया है और प्राइवेट विद्यालयों को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट विद्यालय में एक बच्चे पर आठ से दस हजार रुपये खर्च होते हैं। अगर किसी के दो बच्चे हैं तो उसे बीस हजार रुपये महीने खर्च करने होंगे।
देश में 95 फीसदी परिवारों की कुल आय ही 15-20 हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक नहीं है। ऐसे लोगों के बच्चे सरकारी विद्यालय में ही पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि यहां की सरकार को सस्ते मजदूर चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर सरकार बनाएगी और यहां के विद्यालयों को भी दिल्ली की तर्ज पर बेहतरीन बनाएंगे।