कानपुर देहात। अमरौधा ब्लॉक के कमलपुर गांव में रविवार भोर पहर सिकंदरा रजबहा की पटरी कटने से सौ बीघा मूंग की फसल बर्बाद हो गई। इससे 25 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। कुछ किसान कटी रखी आंशिक मूंग की फसल बोरों में भरकर ले गए।
निचली गंग नहर इटावा शाखा का सिकंदरा रजबहा अमरौधा होकर भोगनीपुर तक जाता है। किसान रजबहा के किनारे खेतों में लगी मूंग की फसल की कटाई की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच रविवार भोर कमलपुर गांव के पास रजबहा की पटरी कट गई। तेज बहाव से करीब सौ बीघा मूंग की फसल जलमग्न हो गई। सुबह खेत पर गए किसान फसल जलमग्न देखकर सन्न रह गए।
कुछ किसान काटी गई मूूंग की फसल बोरों में भरकर दूसरे स्थानों पर ले गए। हालांकि अधिकांश किसान फसल नहीं बचा सके। किसानों का कहना है कि तत्काल पिंडार्थू झाल से पानी बंद नहीं किया गया। इसकी वजह से रजबहा की पटरी का कटाव बढ़ गया। तेज बहाव से मूंग की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई।
ये किसान हुए प्रभावित
कमलपुर गांव के जितेंद्र, आशा देवी, नरेंद्र कुमार, ताराचंद्र, नेक सिंह, भूरा पाल, छोटे लाल, राधेश्याम, अमर सिंह पाल, चरन सिंह व विश्वनाथ की दो-दो बीघा फसल पानी में डूब गई। मुन्ना अहमद की चार बीघा, कल्लू और सोबरन पाल तथा अफसरिया की मडैया के रामबाबू की तीन-तीन बीघा मूंग की फसल बर्बाद हो गई। कमलपुर के गया प्रसाद, ओम प्रकाश, विनोद कुमार, राजेश, अमर सिंह, भारत, लालू, भगवान दास, हरिश्चंद्र, राजू, नरेश व अफसरिया की मड़ैया गांव के निर्भय की एक बीघा मूंग की फसल खराब हो गई।
जानकारी होने पर दोपहर में पिंडार्थू झाल से पानी रोक दिया गया है। मजदूरों को भेजकर जेसीबी की मदद से रजबहा की पटरी की मरम्मत करा दी गई है। ग्रामीण मवेशियों को पानी पिलाने के लिए रजबहा की पटरी पर लाते हैं। जिससे कमजोर पटरी पानी के बहाव से कट गई। - महिपाल सिंह, जेई भोगनीपुर प्रखंड