कानपुर देहात। जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने बुधवार को सीडीओ के साथ वर्चुअल बैठक की। इसमें कैच द रेन योजना के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। इसके अलावा बारिश के पानी के संचयन की भी जानकारी दी गई। सीडीओ ने बताया कि सभी ब्लॉकों में कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों की ओर से बुधवार को सीडीओ सौम्या पांडेय के साथ वर्चुअल बैठक की गई। इसमें कई जिलों के अफसर भी मौजूद रहे। बैठक में मनरेगा के तहत जल शक्ति अभियान कैच द रेन की सफलता पर जोर दिया गया। मंत्रालय की ओर से बताया कि परंपरागत जल स्त्रोतों का संरक्षण करने के लिए उनका कायाकल्प करना जरूरी है।
बारिश के पानी के संचयन के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण पर जोर दिया जाए। निर्देश दिए गए कि कैच द रेन योजना के माध्यम से बारिश के पानी को ज्यादा से ज्यादा मात्रा में बचाया जाए। सीडीओ सौम्या पांडेय ने बताया कि जिले में कैच द रेन योजना के लिए दस ब्लॉकों में कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
इसके तहत बारिश के पानी को आसानी से संचित किया जा सकेगा। बताया कि शासन के निर्देश पर जिले में ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण किया जा रहा है। कैच द रेन के तहत बनाई गई कार्ययोजना का जल्द क्रियान्वयन किया जाएगा।
तालाब होंगे अतिक्रमण मुक्त मांगी गई रिपोर्ट
कानपुर देहात। जिले में बारिश के पानी के संचयन के लिए कवायद तेज कर दी गई है। इसके लिए बनाई गई कार्ययोजना में सबसे बड़ी जिम्मेदारी भूगर्भ व लघु सिंचाई विभाग के अफसरों को दी गई है। सीडीओ ने अफसरों से उन तालाबों का ब्योरा मांगा है, जिन पर अतिक्रमण है। उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। इसके अलावा कुओं का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इसके साथ ही तलाब, कुओं व अन्य जल स्त्रोतों को मैप से जोड़ा जाएगा।
कैच द रेन योजना का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी का संचयन करना है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। तालाबों, कुओं आदि का ब्योरा मांगा गया है। - सौम्या पांडेय, सीडीओ