जिले में गत दिनों हुई झमाझम बारिश और ओलावृष्टि से सब्जियों के दाम बढ़ गए
हैं। एक सप्ताह में सब्जियों और दालों के दामों में 5 से 10 फीसदी तक का
उछाल आया है। हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं।
गरीब की थाली से हरी
सब्जी गायब हो रही है। लोगों की आम जरूरत वाली हरी मिर्च के दामों के आग
लगी हुई है। हरी मिर्च का भाव गुरुवार को अकबरपुर की साप्ताहिक बाजार में
बारिश से सब्जियों के भाव चढ़े नजर आए।
गत दिनों पहले जिले में मौसम का
मिजाज बिगड़ने से झमाझम बारिश व ओलावृष्टि हुई थी। रविवार को हुई बारिश ने
हरी सब्जियों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया था। आलू खेतों में जलभराव होने
से खुदाई का काम ठप पड़ गया। खेतों में पड़ा आलू भी सड़ने की कगार पर
पहुंच गया।
पिछले सप्ताह तक बाजार में बिक रही सब्जियों के दामों में
जबरदस्त उछाल आया है। तेज हवा के साथ बारिश और ओले गिरने से खेतों में
सैकड़ों बीघा सब्जी फसलों को नुकसान पहुंचा है। हरी सब्जियों जैसे लौकी
कद्दू, बैंगन, भिंडी, बंदगोभी आदि के दाम भी कई गुना तक बढ़ गए हैं।
बारिश
का सीधा असर हरी सब्जियों और दाल सहित अन्य खाद्य पदार्थों पर पड़ा है।
बारिश से एक सप्ताह में हरी सब्जियों के अलावा अरहर, उर्द, मूंग, आदि की
कीमत में 5 से 10 फीसदी की उछाल आई है।
अकबरपुर कसबे में गुरुवार को
लगने वाली साप्ताहिक बाजार में सब्जियों के दामों आसमान पर दिखे। जिससे
लोगों का झोला नहीं भर सका। लोगों की थाली में तीखेपन के अहसास कराने वाली
हरी मिर्च की कीमतों में तीखापन नजर आया। बाजार में हरी मिर्च 80 से 100
रुपए प्रतिकिलो तक बिकी।
वहीं अन्य सब्जियों के दाम भी चढ़े नजर आए।
अकबरपुर साप्ताहिक बाजार में दुकान लगाए सब्जी विक्रेता लालजी ने बताया कि
जिले में बारिश होने के चलते सब्जी के दाम बढ़े हैं।
सब्जी दुकानदार दयाराम
ने बताया कि बारिश व ओलावृष्टि के चलते टमाटर व अन्य फसलें खेत में ही
गिरकर मिट्टी में चिपक गई हैं। जिससे सब्जी किसानों को नुकसान पहुंचा है।