इंदौर-पटना एक्सप्रेस के बेपटरी हुए डिब्बे
पुखरायां स्टेशन के पास 20 नवंबर को इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे के दोषी अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराने के संकेत रेल मंत्रालय ने दिए हैं। हादसे में लापरवाही की कड़ियां जुड़ती जा रही हैं। रेलवे के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त की जांच के अलावा रेल मंत्रालय दुर्घटना की न्यायिक जांच भी करा सकता है।
रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने संसद में इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर घटना की वजह अभी तक उनको रेलवे के अफसरों से नहीं मिली है। सूत्रों की मानें तो रेलवे बोर्ड ने इस मामले में झांसी मंडल के अफसरों पर जो कार्रवाई की है, वह सिर्फ ट्रेलर है। अभी कई बड़े अफसरों पर गाज गिरना तय है। फोरेंसिक जांच कमेटी की छट टीमों में शामिल वैज्ञानिकों ने बुधवार को घटनास्थल पर जाकर जांच शुरू कर दी है। इसमें चार टीमें फील्ड और दो टीमें लैब की हैं। हालांकि अभी रेलवे जांच की प्रारंभिक दिशा तय नहीं कर सका है।
कालका मेल हादसे की फाइल पर डाली नजर
फतेहपुर के मलवां रेलवे स्टेशन के पास 10 जुलाई 2011 को हुए कालका मेल हादसे की फाइल पर बुधवार को नजर डाली गई। इस घटना में 65 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त से जांच कराई गई थी। इसमें प्रथम दृष्टया ड्राइवर को दोषी माना गया था, लेकिन आज तक इस रिपोर्ट में क्या आया, कोई नहीं जानता है। पांच साल बीतने के बाद भी आज तक दोषियों के खिलाफ चार्जशीट नहीं दाखिल की गई है। अब पुखरायां में हुए हादसे के बाद उठे सवाल पर फिर से इस हादसे की फाइल पर नजर डाली गई है।