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पटरी से उखड़े मिले सैकड़ों पेंड्राल क्लिप और अंडरग्राउड सिग्नल केबल

Mon, 17 Apr 2017 11:51 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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रेलवे ट्रैक की जांच करते अधिकारी
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जीआरपी व आरपीएफ की सतर्कता से सोमवार को कानपुर में इटावा के पास एक और बड़ा ट्रेन हादसा टल गया। पेट्रोलिंग के दौरान इटावा स्टेशन से सरायभूपत स्टेशन तक अप-डाउन ट्रैक पर कई जगह सैकड़ों पेंड्राल क्लिप गायब मिले। इतना ही नहीं कई जगह सिग्नल प्रणाली की केबलें भी ट्रैक के किनारे पड़ी मिलीं। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। 
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सोमवार को आरपीएफ प्रभारी डीबी सिंह व जीआरपी इंस्पेक्टर यशपाल यादव ने दल के साथ इटावा से सरायभूपत स्टेशन के बीच ट्रैक की पेट्रोलिंग की तो कई जगह पर ट्रैक के स्लीपर टूटे मिले। सिग्नल केबलें भी खुली पाई गईं। कुछ प्वांइट तो ऐसे मिले, जहां पर खुले में ही ट्रैक के किनारे सिग्लन केबलों के  ज्वांइट का गुच्छा बना हुआ था। आरपीएफ प्रभारी डीबी सिंह ने बताया कि ट्रैक पर सबसे ज्यादा गंभीर मामला पेंड्राल क्लिपों का न होना है। सरायभूपत स्टेशन से इटावा स्टेशन की ओर आने पर कांशीराम आवास कालोनी के निकट ट्रैक पर कई मीटर दूरी तक पेंड्राल क्लिप ही गायब हैं। वह इसकी जानकारी आरपीएफ कमांडेंट को भेजेंगे। जीआरपी भी उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराएगी। इसके साथ ही सिग्नल विभाग व पीडब्लूआई को भी यह रिपोर्ट भेजेंगे।
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स्टेशन मास्टर की झपकी से रुकीं ट्रेनें 

डेमो पिक
इटावा शहर के सरायभूपत रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी कर रहे स्टेशन मास्टर कृष्ण कुमार को रविवार रात करीब दो बजे झपकी आ गई। इससे सिग्नल न मिल पाने से दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों का संचालन ठप हो गया। इस दौरान डाउन ट्रैक पर आ रही मालगाड़ी को सरायभूपत स्टेशन पर लूप लाइन में लेना था, वह स्टेशन से थ्रू निकल गई। बाद में कंट्रोल ने मालगाड़ी को इकदिल स्टेशन पर लूप लाइन पर लिया। इसके अलावा 12402 डाउन मगध एक्सप्रेस सरायभूपत स्टेशन से पीछे ही खड़ी हो गई। उसके पीछे चल रही 12418 डाउन प्रयागराज और 12802 पुरुषोत्तम एक्सप्रेस भी एक के पीछे एक सिग्नल न होने से खड़ी हो गईं। इसी तरह अप ट्रैक पर दौड़ती 12317 महाबोधि एक्सप्रेस, 12275 दूरंतो व 12427 रीवा एक्सप्रेस भी सरायभूपत स्टेशन से पीछे के सिग्नलों पर खड़ी हो गईं। कुछ देर बाद स्टेशन मास्टर की नींद टूटी तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने आनन-फानन कंट्रोल को जानकारी दी और ट्रेनों को सिग्नल दिया। इसके बाद ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका। इस बाबत टीआई डीएस मीना ने बताया कि स्टेशन मास्टर बीमार चल रहे हैं। रविवार रात अचानक दस्त शुरू होने से उन्हें सीट से उठकर जाना पड़ा लेकिन रात के समय ट्रेनों का संचालन आटो मोड पर होने से ट्र्रैक प्रभावित नहीं रहा।
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