कैंट के संजयनगर खलवा में झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने के लिए बृहस्पतिवार को रेलवे की टीम पांच बुलडोजर लेकर पहुंची। बस्ती में रहने वाले लोग बुलडोजर के आगे लेट गए और हंगामा करने लगे। जानकारी पाकर पहुंचे भाजपा के पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया ने रेलवे अधिकारियों से बातचीत कर लोगों को एक माह की मोहलत दिलाई।
रेलवे लखनऊ फाटक के पास ट्रैक चौड़ीकरण का काम करने जा रहा है। यहां पर रेलवे किनारे करीब 40 साल से 10 हजार से अधिक लोग झुग्गी-झोपड़ी और टिन शेड बनाकर रह रहे हैं। रेलवे की टीम तीन बार नोटिस देकर बस्ती को खाली करने की चेतावनी दे चुकी है लेकिन बस्ती में रहने लोग खाली नहीं कर रहे हैं। एक माह पहले नोटिस की समयावधि बृहस्पतिवार को पूरी होने पर रेलवे की टीम पांच बुलडोजर लेकर बस्ती पहुंची। इस पर लोग बुलडोजर के आगे लेटकर हंगामा करने लगे।
खुले में रखा घर का सामान
- फोटो : अमर उजाला
करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद भाजपा के पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर एक माह का समय दिलाया। इस पर टीम लौट गई। बस्ती में रहने वाली मुस्कान, अलीशा, शोभा, प्रदीप, सोनू ने कहा कि 40 साल से यहां रह रहे हैं। हाउस, वाटर टैक्स नहीं आता है। लेकिन केस्को की ओर से आने वाले बिल को देते हैं।
हंगामा करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, एक महिला ने बताया कि रेलवे की जमीन की अवैध रूप से बिक्री हो रही है। अभी एक माह पहले ही एक चौकी बर्तन करने वाली महिला ने 2.50 लाख रुपये में एक झुग्गी ली है। लोगों का कहना है कि नवंबर में दिवाली है। बस्ती हटाने पर करीब 10 हजार लोग सड़क पर आ जाएंगे।
रिक्शा चलाकर परिवार का और अपना गुजर-बसर करते हैं। लेकिन बुलडोजर की कार्रवाई से सड़क पर आ जाएंगे। - ओमकार नाथ
बच्चों की पढ़ाई में भी असर पड़ेगा। प्रशासन रहने की वैकल्पिक व्यवस्था कर दे तब बुलडोजर की कार्रवाई करें। - मुस्कान
टेनरी में काम कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। इतना पैसा नहीं कि अन्य जगह मकान लेकर बनवा सकें। - मदन
रिक्शा चलाते हैं। अक्सर नेता आश्वासन देकर चले जाते हैं। बस्ती में रहने वाले लोगों के लिए कोई नहीं सोचता है।- जय प्रकाश