एडीएम महेंद्र पाल के अनुसार पत्रावली जांचने पर लोक निर्माण के सहायक अभियंता से समाचार पत्रों की प्रतियां मांगी तो पहले फोन पर दिखाई गई। हार्ड कापी दिखाने पर दो दिन बाद ब्लैक एंड व्हाइट कापी दिखाई जो पूरी तरह से फर्जी व बनावटी लग रही थी। सूचना विभाग की जांच में पाया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा 17 व 18 अक्तूबर को औरैया जिले में विज्ञापन प्रकाशित ही नहीं कराया गया है।
21 कामों के लिए पड़े 55 टेंडर
विभागीय जानकारों के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने जिन 21 कार्यो में काम होना था उनमें सड़क का पैचवर्क, पुलिया निर्माण, पुलियों की रंगाई पुताई का काम होना था। इसके लिए ए,बी,सी,डी श्रेणी के ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जानी थी। मगर विभाग ने जिले स्तरीय अधिकारियों को गुमराह करते हुए गुपचुप तरीके से लोक निर्माण विभाग कार्यालय में ही टेंडर डलवाए, जिसमें करीब 55 लोगों ने टेंडर डाले।
जिला प्रशासन मामले की जांच करा रहा है। इसमें जो भी विभागीय व्यक्ति दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। टेंडर निकालने के लिए निविदा सूचना विभाग को दी गई थी। विज्ञाप्ति कहां और कब छपी इसकी जानकारी भी कराई जा रही है। -अभिषेक यादव, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग
पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा फर्जी तरीकी से टेंडर कराने मामले सामने आने पर सभी पत्रावलियां तलब की गई हैं। फिलहाल टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर विभागीय कठोर कार्रवाई होगी। -प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव, जिलाधिकारी