फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेल हादसा: एक लाश दो दावेदार और मचा घमासान

Tue, 22 Nov 2016 07:41 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
पुखरायां ट्रेन हादसे के बाद की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
जहान में इंसान तो बहुत हैं, लेकिन इंसानियत बेहद कम बची है। ऐसे लोगों के लिए शायद यही कहना सही होगा। कलयुगी इंसानों से भरी इस दुनिया में कुछ ऐसे भी है जो मानवता को शर्मसार कर रहे हैं। जी हां... ऐसा इंदौर पटना एक्सप्रेस हादसे के बाद देखने को मिल रहा है।
विज्ञापन


आपने अब तक लाशों की सौदेबाजी के बारे में ही सुना होगा लेकिन यहां बात है लाशों की दावेदारी की। हादसे में मारे गए लोगों की लाशों पर फर्जीवाड़ा शुरू हो गया है। लोग झूठे मुंह ही मृतक को अपना रिश्तेदार बताने लगते हैं। भले ही उनका दूर-दूर तक मरने वाले से रिश्ता न रहा हो। दरअसल यह सब सरकार की ओर से मिलने वाले मुआवजे की एक मुश्त रकम पाने के लालच में किया जा रहा है।  

शव लेने के लिए एक लाश के दो-दो दावेदार सामने आ रहे है।इस पर पुलिस और अस्पतालों के सिर का दर्द और बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि रेलवे की 50 हजार की राहत राशि के लालच में लोग इतना नीचे गिर रहे हैं, कि वे ऐसे दर्दनाकर हादसे मारे गए लोगों की लाशों तक को नहीं छोड़ रहे।
विज्ञापन


एक बूढे मां-बाप के इकलौते बेटे को मंगलवार को एक युवती ने अपना मृतक भाई बताया है। मामला सामने आते ही पुलिस महकमें और अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पहले तो महिला का रोने-पीटने का ड्रामा देख पुलिस और अस्पताल के लोगों को भी यही लगा था कि मरने वाला महिला का भाई होगा लेकिन जब मामला प्रकाश में आया तो पुलिस ने महिला को धर लिया। एसपी ने महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद उसे पुलिस हिरासत में ले लिया गया।

महिला ने रुपयों के लालच में एक मृतक को अपना भाई बताकर खूब नाटक किया। 16 घंटे तक अकबरपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर रोती बिलखती रही। वहां पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री शिवाकांत ओझा के पैर पकड़कर मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने मंगलवार सुबह शव को पोस्टमार्टम कराकर उसे सौंपने की तैयारी की, तभी मृतक के परिजनों के पहुंचे से महिला का झूठ सामने आ गया।

पकड़ी गई महिला खुद को पटना के आलमगंज की रहनेवाली बता रही है। वहीं पुलिस आरोपी महिला को बनारस के सिगरा थाना क्षेत्र के नदेशा निवासी महताब आलम की बेटी आलिया परवीन बता रही है। उसके पास से नया मोबाइल फोन और एक एजेंट का विजिटिंग कार्ड भी मिला है।  

दोपहर को दीनानाथ पत्नी रीता और रिश्तेदारों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इसके बाद शव बेटे रिशु का होने के सुबूत पेश किए तो शव उन्हें सौंप दिया। दीनानाथ के मुताबिक रिशु (20) एक ठेकेदार के अंडर में ट्रेनों में साफ-सफाई का काम करता था। दुघर्टनाग्रस्त ट्रेन से वह घर लौट रहा था। इधर, अकबरपुर थाने के एसआई हरिकृष्ण त्रिपाठी की तहरीर पर धोखेबाज महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
विज्ञापन




 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें