प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल (फाइल फोटो)
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उत्साह में प्लाज्मा दान करने के लिए वे लोग भी आगे आने लगे हैं, जिन्हें कोरोना नहीं हुआ है। ऐसे में कोरोना विजेताओं ने फेसबुक और सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों से प्रोटोकॉल की जानकारी देनी शुरू कर दी है। सोमवार को दो और कोरोना विजेताओं ने प्लाज्मा दान किया।
इसके साथ हैलट के ब्लड बैंक में प्लाज्मा दाताओं की संख्या 84 हो गई। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग की नोडल अधिकारी डॉ. लुबना खान ने बताया कि दर्जन भर ऐसे लोग प्लाज्मा डोनेट करने के लिए मैसेज भेजकर इच्छा जता रहे हैं, जिन्हें संक्रमण नहीं हुआ है।
लेकिन संक्रमिताें की थेरेपी के लिए प्लाज्मा उन्हीं लोगों का लिया जा सकता है, जो संक्रमित रहे हैं। संक्रमण निगेटिव होने के 14 दिन के बाद व्यक्ति प्लाज्मा डोनेट कर सकता है। ऐसे में लोगों को और जागरूक करने की जरूरत है। इसके लिए कोरोना विजेताओं के अलग-अलग ग्रुप पर जानकारी सार्वजनिक की जा रही है।
सोमवार को विजय नगर के शशांक सक्सेना और शुक्लागंज के प्रदीप सिंह ने प्लाज्मा दान किया। इन लोगों ने दूसरे कोरोना विजेताओं से भी आगे आने की अपील की। हैैलट और निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को इस थेरेपी से काफी राहत मिल रही है। खासतौर पर शुरुआत में यह थेरेपी मिलने से ऑक्सीजन सेच्युरेशन सुधर जा रहा है।