तीन तलाक बिल के खिलाफ तंजीम बरेलवी उलेमा अहले सुन्नत के बैनर तले कानपुर के हलीम कॉलेज चौराहे पर प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर बिल के विरोध में नारेबाजी की गई।
लोग हाथों में ‘तीन तलाक बिल वापस लो’, ‘शरीअत में मदाख्लत बंद करो’, ‘तलाक नहीं बलात्कार पर कानून बनाओ’, ‘धार्मिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं’, ‘भारतीय संविधान हमें धार्मिक आजादी देता है’ आदि नारे लिखी तख्तियां लिए रहे।
चौराहे पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम को सौंपा गया। रविवार दोपहर हलीम चौराहे पर तंजीम के बैनर तले उलेमा और आम जन पहुंचे और तीन तलाक के बिल के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।
वक्ताओं का कहना था कि तीन तलाक बिल लाकर शरीयत में हस्तक्षेप किया जा रहा है। राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई कि बिल को तत्काल वापस लिया जाए। केंद्र सरकार बलात्कार के खिलाफ सख्त कानून लाए।
इस मौके पर मुफ्ती मुमताज आलम मिस्बाही, मौलाना मुजफ्फर हुसैन, हाफिज मो. फैसल जाफरी, मौलाना इसरार अहमद बकाई, मौलवी असलाम, आसिफ रजा वाहिदी, अब्दुल कय्यूम, यूसुफ अली कादरी, मुबीन रजा आदि रहे।
मुस्लिम महिलाओं ने भी किया तीन तलाक बिल का विरोध
जामिया अशरफुल बनात निसवां में आयोजित जलसा ईद मिलादुन्नबी में एक बार में तीन तलाक बिल का विरोध किया गया। मिलाद में कहा गया कि मुस्लिम महिलाएं शरीयत के मुताबिक जिंदगी गुजारें।
इससे परिवार में खुशहाली बनी रहेगी और पारिवारिक कलह की नौबत नहीं आएगी। इसके साथ ही महिलाओं के रोजगार से जुड़ने की कवायद की गई। कहा गया कि महिलाएं सिलाई, कढ़ाई, बुनाई के क्षेत्र में रोजगार से जुड़ें। इससे आर्थिक स्थि िमजबूत होगी। कार्यक्रम की सरपरस्ती मौलाना हाशिम अशरफी ने की।