मंडी के बाहर सड़क पर लगाया जाम
किसान भी बिना कटौती तौल कराने की बात को लेकर अड़ गए। किसानों ने कहा कि उनका जितना आलू खरीदा जाए, उतने वजन का भुगतान हो। पूरा भुगातन न कराने वाले आढ़तियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। कुछ किसान जाम लगाने के लिए मंडी के बाहर सड़क पर एकत्र हो गए। आढ़तियों ने उन्हे समझाबुझाकर मंडी के अंदर बुलाया।
मंडी में कारोबार शुरू कर दिया गया
मंडी में बने टीन शेड में आढ़ती, व्यापारी और किसान एकत्र हो गए। मंडी सचिव के न आने पर आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू ने कहा कि आज ऐसे ही काम चलने दो, दोपहर बाद जिला व मंडी प्रशासन के साथ बातचीत कर नतीजा निकाला जाएगा। इस पर सभी सहमत हो गए। मंडी में कारोबार शुरू कर दिया गया।
जाम लगने के बाद 150 से 200 सस्ता हुआ आलू
मंडी में सुबह जिस आलू की खरीद 1365 रुपये प्रति क्विंटल में हुई थी। जाम लगने के बाद वहीं आलू 150 के 200 रुपये सस्ता बिका। व्यापारियों का कहना है कि अभी तक एक क्विंटल पर छह किलो आलू ज्यादा खरीदा जा रहा था। इसके लिए व्यापारियों का तर्क था कि किसान का एक तरफ से पूरा आलू खरीद लिया जाता है। यदि किसानों को आलू के वजन का पूरा भुगतान चाहिए, तो व्यापारी भी फसल को गुणवत्ता के आधार पर ही खरीदेगा। अभी तक छिला, कटा, आलू में छेद, हरा आदि आलू एक भाव में ही लिया जा रहा है। जाम खुलने के बाद 1001 से 1251 रुपये में खरीद शुरू हुई।