कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीएसटी सुधार के प्रस्ताव और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर जीएसटी में कटौती, जीएसटी स्लैब दर दो किए जाने के प्रस्ताव का उद्यमी-व्यापारी संगठनों ने खुशी जताई है। कहा कि इससे शहर का एमएसएमई सेक्टर आगे बढ़ेगा। उत्पादन बढ़ने से कीमतें कम होंगी। महंगाई घटेगी और लोगों के पास रुपये बचेंगे। प्रधानमंत्री ने लड़ाकू विमान के इंजन विकसित करने की भी बात कही है। इससे शहर का रक्षा-प्रतिरक्षा क्षेत्र भी आगे बढ़ सकेगा। आत्मनिर्भरता की दिशा में यह बड़ा कदम होगा।
शहर में तीन आयुध कंपनियों के मुख्यालय हैं। इसके अलावा लड़ाकू विमान के कुछ उपकरण बनते हैं। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में घोषणा की थी कि सरकार जीएसटी के प्रावधानों पर पुनर्विचार करेगी और ढांचे में सुधार करेगी। जीएसटी दरों के 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत के मौजूदा स्लैब को खत्म करने और केवल पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत जीएसटी दरें रखने का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत 12 प्रतिशत स्लैब में से 99 प्रतिशत को पांच प्रतिशत स्लैब में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। साथ ही 28 प्रतिशत स्लैब में से 90 प्रतिशत वस्तुओं को 18 प्रतिशत स्लैब में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।
आईआईए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने कहा कि जीएसटी की दो दर रहने से उत्पादन बढ़ेगा और महंगाई घटेगी। महंगाई घटने से मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने जीएसटी लागू करते समय वादा किया था कि केवल दो दर रहेंगी। जीएसटी सुधार से आम नागरिक की जेब में अधिक पैसा आएगा। साथ ही यह उद्योग और उपभोक्ताओं के लिए अच्छा होगा।
मर्चेंट्स चेंबर ऑफ उत्तर प्रदेश की इंडस्ट्री कमेटी के चेयरमैन सुशील शर्मा ने कहा है कि दिवाली के अवसर पर उपहार के रूप में जीएसटी सुधार का प्रस्ताव निश्चित तौर पर स्वागत योग्य है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वर्तमान जीएसटी की दरें कम की जा सकती हैं। इससे एमएसएमई को तत्काल लाभ मिलेगा। महंगाई पर भी लगाम लगेगी। प्रधानमंत्री ने लड़ाकू विमान के इंजन को भारत में विकसित करने की बात कही है। यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।