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'फरमान बेअसर और जिम्मेदार बेखबर', स्कूलों-श्मशान स्थल में सैकड़ों आवारा जानवर, मची हाय-तौबा

Sat, 12 Jan 2019 10:15 PM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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श्मशान स्थल में किसानों द्वारा बंद किए गए आवारा जानवर - फोटो : अमर उजाला
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 10 जनवरी तक आवारा जानवरों को आश्रय स्थल तक पहुंचाने का फरमान तो बेअसर सा रहा। अब किसानों और ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा सरकार तक पहुंचाने के लिए मोर्चा खोल दिया है और सड़कों पर उतर आए हैं।
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शनिवार को सेंट्रल यूपी और बुंदेलखंड के कानपुर समेत कई जिलों में किसानों ने एकजुट होकर आवारा जानवरों को परिषदीय स्कूल में बंद कर दिया, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ा। यही नहीं श्मशान स्थल तक में आवारा जानवरों को खदेड़कर बंद किया। इससे जहां-जहां ये घटनाएं हुईं, वहां अफरातफरी मची रही।

इसके अलावा कई जगह मवेशी आश्रय स्थल और बाड़ों की दीवार तोड़कर या फांद कर भाग निकले और खेतों में जाकर किसानों की फसल चट कर गए। फर्रुखाबाद में सांड़ ने एक वृद्धा पर हमलाकर दिया, जिससे उसकी जान चली गई।  
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ग्रामीणों ने 50 से ज्यादा आवारा जानवरों को स्कूल में बंद कर दिया

इटावा में विकास खंड सैफई के गांव बहादुरपुर में ग्रामीणों ने एक सैकड़ा गायों को एकत्रित कर प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया। स्कूल में आवारा जानवरों भरे होने पर स्कूल बंद कर बच्चों की छुट्टी कर दी गई। एसडीएम हेमसिंह ने मामले की पड़ताल कर स्कूल से गायों को बाहर निकवाया और ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।

बांदा में आवारा जानवरों से त्रस्त अतर्रा तहसील क्षेत्र के सिंहपुर गांव में ग्रामीणों ने 50 से ज्यादा आवारा जानवरों का झुंड खदेड़कर परिषदीय स्कूल में बंद कर दिया। इससे स्कूल में हड़कंप मच गया। सहमे बच्चे भाग निकले। लगभग दो घंटे तक स्कूल बंद रहा। बाद में पुलिस ने आवारा जानवरों को हटवाया। 

 

किसानों ने 250 आवारा जानवरों को श्मशान स्थल में बंद कर दिया

उन्नाव के पुरवा में किसानों ने 250 आवारा जानवरों को कस्बे के पास ही बने नगर पंचायत के श्मशान स्थल में बंद कर दिया। नगर पंचायत की टीम जानवरों को मुक्त कराने पहुंची तो किसान उग्र हो गए। इस पर टीम को बैरंग लौटना पड़ा। हालांकि एसडीएम ने शुक्रवार को श्मशान स्थल पर अस्थाई आश्रय-स्थल बनाने की तैयारी शुरू कर दी थी।

हमीरपुर के गहरौली गांव में शुक्रवार रात पशु आश्रय केंद्र में बंद सैकड़ों आवारा जानवर सुरक्षा खाई फांदकर भाग निकले। आवारा जानवरों ने करीब एक दर्जन किसानों की फसलों को नष्ट कर दिया। एसडीएम ने मौके में पहुंचकर मदद दिलाने की बात कही है। उन्होंने आवारा जानवरों के मालिकों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

 
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60 आवारा जानवर दीवार और तार तोड़कर बाहर निकल गए

हरदोई में नया गांव मुबारकपुर स्थित पशु आश्रय स्थल में शुक्रवार को 60 आवारा जानवर दीवार और तार तोड़कर बाहर निकल गए। आवारा जानवरों ने आसपास के खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने जानवरों को फिर खदेड़कर पशु आश्रय स्थल पहुंचा दिया। सूचना मिलने पर ग्राम सचिव ने पशु आश्रय स्थल की मरम्मत कराई है।

फर्रुखाबाद में मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के नंद गांव निवासी नरेंद्र सिंह शनिवार को धीरपुर चौराहे स्थित एफसीआई गोदाम के पीछे अपने खेत में पानी लगा रहे थे। दोपहर को उनकी मां मौरश्री (70) खाना लेकर आई थी। वहां पर सांड़ ने उन्हें उठाकर पटक दिया। इससे मौरश्री पानी भरे गड्ढे में जा गिरीं और उनकी मौत हो गई।

महोबा में नगर पालिका चरखारी द्वारा गोसेवा दान वाहन को एसडीएम अरुण कुमार व चैयरमैन मूलचंद्र अनुरागी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वाहन लेकर कर्मचारी मोहल्लों में जाकर बचे हुए भोजन को एकत्र कर गोशाला में पहुंचाने के लिए जुट गए। इसके बाद भी तमाम आवारा जानवर सड़कों पर घूम रहे हैं।
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