कानपुर देहात। माती से अन्य जनपदों व लोकल रूट पर चलने के लिए परिवहन निगम से 17 रूट तय हैं, लेकिन इनमें मात्र सात मार्गों पर ही बसों का संचालन हो रहा है। चालकों की कमी होने से बसों के संचालन में बाधा आ रही है। इससे यात्री तो परेशान होते ही है, वहीं कई बसें डिपो में परिसर में खड़ी धूल फांकती रहती हैं।
परिवहन निगम से माती डिपो को 30 नई बसों की सौगात मिलने वाली है, लेकिन उसका क्या फायदा जब उसे चलाने के लिए चालक ही नहीं होंगे। निगम ने तीन महिला व सात मृतक आश्रित परिचालकों की भर्ती कर कमी को दूर किया है, लेकिन चालकों की कमी से रोडवेज अभी भी जूझ रहा है। नतीजा यह है कि अभी भी कई बसें माती डिपो में खड़ी रहती है।
आलम यह है कि इस समय कुल 57 चालक तैनात है, जिसमें छह चालक बीते छह महीने से अनुपस्थित चल रहे है। वहीं परिचालकों की संख्या 46 पर अटकी हुई है। जबकि डिपो की क्षमता के अनुसार 65 चालक व 65 परिचालक होने चाहिए। ऐसे में अब चालकों की भर्ती का इंतजार किया जा रहा है।
माती डिपो में मौजूदा समय में बेड़े में 30 बसें हैं, इनमें चार बसें कंडम अवस्था में वर्कशाप में खड़ी हुई हैं। संचालित 26 बसों में अधिकांश डिपो में ही खड़ी रहती हैं। विभाग की मानें तो तय रूटों पर बसों का संचालन करने का कई बार प्रयास किया गया। लोड फैक्टर कम होने के कारण उन्हें बंद करना पड़ा। एक माह पहले माती-चित्रकूट व माती शिवली होते हुए लखनऊ के लिए बस शूरू की गई थीं। वह भी परवान नहीं चढ़ सकी और वह भी बंद हो गई।
....................
छह माह से छह चालक अनुपस्थित
माती डिपो एक तरफ चालकों की कमी से जूझ रहा है। वहीं दूसरी तरफ तैनात चालक मनमानी से छुट्टी पर रहते हैं। स्टेशन इंचार्ज ने बताया कि बीते छह माह से छह चालक बिना सूचना के अनुपस्थित चल रहे हैं। इन्हें कई बार सूचना दी गई, लेकिन कोई सही उत्तर न मिलने के बाद आरएम को पत्र लिखने के साथ उनके नाम सूचना पट पर चस्पा कर दिए गए। इनमें से एक ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। अन्य पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
.................
सावन में चलेगी चित्रकूट की बस
करीब एक माह पहले माती से चित्रकूट के लिए चलाई गई बस को लोड फैक्टर कम होने की बात कहकर बंद कर दिया गया है। विभाग के अनुसार सावन में चित्रकूट जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ती है। ऐसे में यहां के लिए दोबारा से बस का संचालन किया जाएगा।
................
वर्जन
चालकों की कमी को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही चालकों कमी को पूरा कर लिया जाएगा। तय रूटों पर लोड फैक्टर कम होने की वजह से बसों का संचालन बंद करना पड़ा है। डिपो को जल्द ही 47 सीटर बसें मिलने वाली हैं। जिन्हें अलग अलग रूटों पर चलाया जाएगा। - शशिबाला श्रीवास्तव, स्टेशन इंचार्ज, माती डिपो
.......................
इन सात मार्गों पर चल रहीं हैं डिपो से बस
माती- लखनऊ
आगरा- लखनऊ
बेहमई-लखनऊ
झींझक-लखनऊ
अमरौधा-लखनऊ
रूरा-दिल्ली