सीमा परिहार के भतीजे जनक सिंह परिहार उर्फ छोटे सिंह के अलावा औरैया के बीपी सिंह, उन्नाव के कल्लू यादव समेत आठ लोगों के नाम सामने आए हैं। नगर, देहात, औरैया और उन्नाव तक जहरीली शराब का रैकेट फैला है।
इसके अलावा आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की पांच टीमें बनाई हैं। पुलिस ने एक आरोपी को उठा लिया है, लेकिन इसकी पुष्टि अफसरों ने नहीं की है। आईजी आलोक सिंह ने भी एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) गठित की है। सीओ स्वरूप नगर अभय नारायण राय की अगुवाई वाली इस टीम में चार इंस्पेक्टर शामिल हैं। विवेचना में यह भी पता चला है कि जीवन सिंह ग्वालियर, राजस्थान और बिहार से शराब बनाने वाला केमिकल मंगाता था। फिर बीपी सिंह इस केमिकल को पूर्व मंत्री के पौत्रों विनय और नीरज सिंह गौर को सप्लाई करता था। इसी केमिकल से दोनों भाई गोशाला और ईंट-भट्ठा में शराब तैयार कराते थे। पुलिस टीमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार तक गईं हैं।