केस 01
उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने 10 सितंबर को आचार्य कौटिल्य इंटर कॉलेज बिधनू का औचक निरीक्षण किया। स्कूल में 10 छात्र उपस्थित थे, जिसमें कक्षा नौ से 12 तक के पांच छात्र थे। उपस्थित पंजिका नहीं मिली। मामले की जांच के लिए अधिकारी राजकीय इंटर कॉलेज बिधनू के प्रधानाचार्य अखिलेश चंद्र बाजपेई बनाए गए। उन्होंने 27 सितंबर को स्कूल का निरीक्षण किया तो 493 छात्र पंजीकृत मिले और उनकी उपस्थिति भी 90 प्रतिशत दर्ज थी। उप शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को पत्र भेजकर विद्यालय का निरीक्षण कर प्रधानाचार्य और लिपिक के विरुद्ध एफआईआर कराने के निर्देश दिए।
केस 02
कानपुर देहात के अकबरपुर दया का पुरवा में स्थित श्यामलाल इंटर कॉलेज का निरीक्षण उप शिक्षा निदेशक ने 26 अगस्त को किया था। यहां कक्षा नौ से 12 तक 175 छात्र उपस्थित मिले, उपस्थिति पंजिका में 225 छात्र पंजीकृत थे। स्कूल ने 661 छात्रों का पंजीकरण और बोर्ड परीक्षा का शुल्क कोषागार में जमा कराया था। इस तरह स्कूल में 436 छात्रों के पंजीकरण में फर्जीवाड़ा पाया गया। उप शिक्षा निदेशक ने प्रधानाचार्य और प्रबंधक को नोटिस देकर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा लेकिन कॉलेज ने कोई जवाब नहीं दिया। उप शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को पत्र भेजकर सात बिंदुओं पर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।