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स्कूलों का खेल: 8वीं तक मान्यता, 12वीं तक पढ़ाई, निजी स्कूल कर रहे कमाई

Mon, 17 Oct 2022 05:28 PM IST
शिखा पांडेय दिव्यांश सिंह, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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कानपुर में निजी माध्यमिक स्कूल नियम-कानून की धज्जियां उड़ाकर छात्रों के फर्जी तरीके से दाखिले करा रहे हैं। कई स्कूल ऐसे हैं जिनकी मान्यता आठवीं तक है लेकिन उनमें 12वीं तक के बच्चे पढ़ रहे हैं। ये स्कूल 12वीं तक मान्यता वाले उन निजी स्कूलों में इन छात्रों का पंजीकरण देते हैं जहां छात्र संख्या कम है।

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इन स्कूलों की संख्या लगभग 150 है। बच्चों से ज्यादा पंजीकरण शुल्क और ठीकठाक फीस वसूलकर दोनों स्कूल कमाई कर लेते हैं। शहर में बीते पांच वर्षों से यह खेल चल रहा है लेकिन आज तक अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब जब उप निदेशक शिक्षा (माध्यमिक) कानपुर मंडल प्रेम प्रकाश मौर्य ने स्कूलों का निरीक्षण किया तो मिलीभगत सामने आई।

बता दें कि 12वीं तक मान्यता प्राप्त स्कूलों ने ऐसे छात्रों को दाखिला देकर माध्यमिक शिक्षा परिषद में पंजीकरण कराया है जो किसी अन्य स्कूल में पढ़ते हैं या फिर केवल परीक्षा देने आते हैं। पूरे साल स्कूल न आने के बाद भी प्रमाणपत्र और अंकतालिका में रेग्युलर स्टूडेंट लिखा होता है। 

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स्कूलों के फायदे का गणित
12वीं तक के मान्यता प्राप्त स्कूल एक छात्र के पंजीकरण के न्यूनतम 3500 रुपये वसूलते हैं, जबकि 10वीं की सरकारी पंजीकरण फीस 501 और 12वीं की 601 रुपसये है। 11वीं और 12वीं की पंजीकरण फीस 50 रुपये है। ऐसे में प्रति छात्र औसत तीन हजार रुपये की आमदनी होती है। 8वीं तक मान्यता वाले स्कूल 12वीं तक के छात्रों अपने स्कूल में पढ़ाकर साल भर फीस वसूलते हैं, यह उनकी कमाई का जरिया है।

ऐसे छात्र जो मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने नहीं आते हैं, उनका पंजीकरण करना गलत है। दो स्कूलों में अवैध पंजीयन पकड़ा गया है। कार्रवाई के लिए डीआईओएस को पत्र लिखा गया है। आगे भी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाता रहेगा। - प्रेम प्रकाश मौर्य, उप निदेशक शिक्षा (माध्यमिक) कानपुर मंडल
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केस 01
उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने 10 सितंबर को आचार्य कौटिल्य इंटर कॉलेज बिधनू का औचक निरीक्षण किया। स्कूल में 10 छात्र उपस्थित थे, जिसमें कक्षा नौ से 12 तक के पांच छात्र थे। उपस्थित पंजिका नहीं मिली। मामले की जांच के लिए अधिकारी राजकीय इंटर कॉलेज बिधनू के प्रधानाचार्य अखिलेश चंद्र बाजपेई बनाए गए। उन्होंने 27 सितंबर को स्कूल का निरीक्षण किया तो 493 छात्र पंजीकृत मिले और उनकी उपस्थिति भी 90 प्रतिशत दर्ज थी। उप शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को पत्र भेजकर विद्यालय का निरीक्षण कर प्रधानाचार्य और लिपिक के विरुद्ध एफआईआर कराने के निर्देश दिए।
 
केस 02
कानपुर देहात के अकबरपुर दया का पुरवा में स्थित श्यामलाल इंटर कॉलेज का निरीक्षण उप शिक्षा निदेशक ने 26 अगस्त को किया था। यहां कक्षा नौ से 12 तक 175 छात्र उपस्थित मिले, उपस्थिति पंजिका में 225 छात्र पंजीकृत थे। स्कूल ने 661 छात्रों का पंजीकरण और बोर्ड परीक्षा का शुल्क कोषागार में जमा कराया था। इस तरह स्कूल में 436 छात्रों के पंजीकरण में फर्जीवाड़ा पाया गया। उप शिक्षा निदेशक ने प्रधानाचार्य और प्रबंधक को नोटिस देकर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा लेकिन कॉलेज ने कोई जवाब नहीं दिया। उप शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस को पत्र भेजकर सात बिंदुओं पर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
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