जाहर सिंह (50) कई वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में पैरालिसिस (लकवा) बीमारी से ग्रसित हो गया था, जिसके चलते वह चल फिर व बोल नहीं सकता था। आदेश के बाद वह जिला कारागार में निरुद्ध था। बुधवार को सुबह उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई, जिस पर जिला कारागार के सिपाही उसे जिला अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उचित देखभाल व इलाज के अभाव में हुई मौत
मृतक के पुत्र अभय प्रताप सिंह ने जिला कारागार प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि पिता को जिला कारागार में उचित देखभाल व इलाज नहीं मिला, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। दोहरे हत्याकांड में उनके पिता जाहर सिंह, बाबा विजय सिंह, दादा शिव सिंह व चाचा उपेंद्र सिंह को फर्जी फंसाया गया था।
बंदी पैरालिसिस से ग्रसित था, उसका पहले कभी भीषण एक्सीडेंट हुआ था। वह स्ट्रेचर पर ही कारागार आया था। वह खाना भी नहीं खा पाता था, इसलिए उसके साथ उनके एक परिजन को भी जेल अस्पताल में रखा गया था, ताकि उसकी देखभाल में दिक्कत न हो। परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं वह बेबुनियाद हैं। -अनिल कुमार गौतम, जेल अधीक्षक