राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जन्मदिन विशेष,
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के जन्मदिन पर आज हम आपको उनके जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातें सामने लाएंगे जो दूसरों के लिए प्रेरणाश्रोत तो हैं ही उन लोगों के लिए भी बड़ा संदेश है जो वाकई देश के बारे में सोचते हैं, कुछ नया करना चाहते हैं।
पिछले दिनों अपने शहर कानपुर पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा था कि कानपुर बिठूर की पावन धरती से 1857 में प्रथम स्वाधीनता संग्राम के दौरान नाना साहब पेशवा के नेतृत्व में यहां के लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई छेड़ी थी। आज एक बार फिर बिठूर के ही ईश्वरीगंज गांव से देश में एक और लड़ाई की शुरुआत हुई है और यह लड़ाई है अस्वच्छता के खिलाफ स्वच्छता की। ईश्वरीगंज गांव के लोगों ने अस्वच्छता के खिलाफ संघर्ष का जो उदाहरण पेश किया है, वह देश के सवा सौ करोड़ लोगों के लिए मिसाल है। हम सब को एक साथ मिलकर देश को गंदगी से निजात दिलानी होगी।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 15 सितंबर को कानपुर में बिठूर स्थित ईश्वरीगंज गांव से राष्ट्र को संबोधित करते हुए यह बातें कहीं थीं। राष्ट्रपति कोविंद देश भर में 15 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चलने वाले स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
अभिनेता अमिताभ बच्चन के विज्ञापनों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने ये कहा था कि वह कहते हैं कि दरवाजा बंद तो बीमारी बंद। ऐसे कई विज्ञापनों से बच्चन लोगों को शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। देशवासियों को लगता होगा कि वह इन विज्ञापनों के लिए सरकार से करोड़ों रुपये ले रहे होंगे। वास्तविकता में ऐसा नहीं है। अमिताभ बच्चन इन विज्ञापनों के लिए कोई शुल्क नहीं लेते।