राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरुवार को आईआईटी कानपुर दीक्षांत समारोह में पहुंचे। यहां उन्होंने आईआईटीयन्स को गंगा सफाई का संदेश दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि 'यह बहुत ही खुशी का अवसर है जब मैं यहां 51वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने आया हूं और इतने होनहार युवाओं के बीच अपनी बात को रखने पर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।'
उन्होंने कहा कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए सभी को विनीत स्वभाव रखना चाहिए। अपने लक्ष्य को पाने के बाद कभी भी उसका घमण्ड नहीं करना चाहिए। अपने लक्ष्य को पाने का पहला कदम अनुशासन होता है। आईआईटी कानपुर ने 1960 में अपने पहले बैच को 100 छात्रों के साथ शुरू किया था और आज यहां 6500 स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। यहां 35000 छात्रों ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। अब ये सभी छात्र-छात्राएं विश्वभर में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।