राष्ट्रपति के चचेरे भाई का कहना है कि लाल इमली कर्मियों को 36 महीनों से वेतन नहीं मिला, उनकी ग्रेच्युटी भी फंसी है। किसानों, कर्मचारियों की अपनी समस्याएं हैं। इसके लिए राष्ट्रपति को राज्य सरकार पर समाधान के लिए दबाव बनाना चाहिए।
कानपुर आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से उनके चचेरे भाई ओम प्रकाश आनंद की भी मिलने की बड़ी तमन्ना थी, लेकिन उन्होंने अपने मन को मार लिया। वह कहते हैं कि मिलने जाते तो लाल इमली के कर्मचारियों के वेतन और ग्रेच्युटी को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के संबंध में बात करते।
विज्ञापन
ओम प्रकाश आनंद रामनाथ कोविंद के सबसे छोटे चाचा मतोले लाल के पुत्र हैं। वह सीपीआई के पूर्व जिला सचिव रहे हैं और लाल इमली में लिपिक थे। मंगलवार को ओम प्रकाश आनंद से परेड स्थित नारायणी धर्मशाला के दूसरे तल पर सीपीआई दफ्तर में मुलाकात हुई।
उन्हें तेज बुखार था। बातचीत में पुराना मामला छिड़ गया। बोेले कि कई साल पहले दिल्ली में साउथ एवेन्यू स्थित पार्टी ऑफिस गए थे। उस वक्त कोविंद राज्यसभा सदस्य थे। भैया से मिलने घर चला गया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी थी।
विज्ञापन
बताया कि वह भैया-भाभी का बहुत सम्मान करते हैं। उनका कहना है कि लाल इमली कर्मियों को 36 महीनों से वेतन नहीं मिला, उनकी ग्रेच्युटी भी फंसी है। किसानों, कर्मचारियों की अपनी समस्याएं हैं। इसके लिए राष्ट्रपति को राज्य सरकार पर समाधान के लिए दबाव बनाना चाहिए।