राष्ट्रपति ने कहा कि बहुत दिनों से रूरा आना चाहता था, लेकिन यह अब जाकर संभव हुआ। रेल मंत्री पीयूष गोयल की सलाह पर इस बार ट्रेन से आया हूं। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) का काम देखकर काफी खुशी हुई।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की विशेष ट्रेन शाम 6:55 बजे रूरा रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन करते हुए बोले कि मैं आप सभी को आशीर्वाद देने नहीं, बल्कि आशीर्वाद लेने आया हूं। इस दौरान सालों से रूरा रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम का भी जिक्र किया।
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बोले कि मैं खुद भी यहां घंटों जाम में फंस चुका हूं। आज भी यहां के लोगों के सामने यही समस्या खड़ी है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (सीआरबी) सुनील शर्मा को निर्देश दिया कि यहां जल्द रेलवे ओवरब्रिज बनवाएं। राष्ट्रपति ने कहा कि बहुत दिनों से रूरा आना चाहता था, लेकिन यह अब जाकर संभव हुआ।
रेल मंत्री पीयूष गोयल की सलाह पर इस बार ट्रेन से आया हूं। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) का काम देखकर काफी खुशी हुई। व्यापारिक दृष्टिकोण से यह काफी अच्छा है। ट्रेन से आने से कानपुर देहात की सभी विधानसभा कवर हो गईं।
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सीआरबी से कहा कि कहा कि कोरोना महामारी के चलते कई ट्रेनों का ठहराव रूरा में बंद हुआ है। इसे जल्द से जल्द बहाल किया जाए। राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी यहां बार-बार आने की इच्छा होती है, लेकिन प्रोटोकॉल के कारण नहीं आ पाता। मेरे एक घंटे आने का औसत खर्च 15 से 20 लाख रुपये है।
इस धनराशि का भुगतान करदाता करता है। अगर मेरे चार बार आने के खर्च का उपयोग क्षेत्र के विकास में किया जाए तो मुझे अच्छा लगेगा। संबोधन में उन्होंने अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले का भी जिक्र किया।
मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग रखें, वैक्सीन लगवाएं
कोरोना की तीसरी लहर पर राष्ट्रपति ने कहा कि सभी नागरिकों का मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग अपनाना और वैक्सीन लगवाना जरूरी है। उन्होंने जिलाधिकारी से कैंप लगवाकर वैक्सीनेशन कराने को कहा।