कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-10 पर खड़ी प्रेसिडेंशियल ट्रेन की निगरानी 24 घंटे की जा रही है। 50-50 आरपीएसएफ (रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स) के जवानों को 12-12 घंटों के लिए मुस्तैद किया गया है। राष्ट्रपति और उनके स्टाफ के शुक्रवार रात को उतरने के बाद पार्सल का सामान उतार लिया गया और गेट को सील कर ट्रेन रात करीब 10 बजे के बाद प्लेटफार्म नंबर 10 पर खड़ी कर दी गई। अब इस ट्रेन के सभी 15 कोचों को 28 जून की सुबह खोला जाएगा। ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर सुबह नौ बजे लग जाएगी। सुबह 10:20 बजे राष्ट्रपति बैठ कर लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे। सुरक्षा में झांसी और प्रयागराज मंडल का आरपीएसएफ स्टाफ लगा है।
लखनऊ रूट की पटरियों का भी रंगरोगन
प्रेसिडेंशियल ट्रेन लखनऊ रवाना होगी, इसलिए लखनऊ रूट की पटरियों का रंगरोगन हो रहा है। लखनऊ फाटक से मरे कंपनी पुल तक ट्रैक के सिलापटों (स्लीपरों) को लाल, सफेद, हरे रंग से रंगा जा रहा है।
एनआर जीएम लखनऊ तक जाएंगे साथ
प्रेसिडेंशियल ट्रेन के साथ आए रेलवे बोर्ड चेयरमैन सुनीत शर्मा को शुक्रवार रात पौने 12 बजे ही श्रमशक्ति एक्सप्रेस से नई दिल्ली वापस हो गए थे। लखनऊ उत्तर रेलवे के अधीन आता है। इसलिए जब राष्ट्रपति 28 जून को यहां से लखनऊ के लिए रवाना होंगे तो जीएम उत्तर रेलवे आशुतोष गंगल उनके साथ होंगे। एनसीआर के सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि कानपुर सेंट्रल स्टेशन से राष्ट्रपति को एनसीआर जीएम वीके त्रिपाठी, डीआरएम मोहित चंद्रा विदा करेंगे। इस दौरान डिप्टी सीटीएम हिमांशु शेखर उपाध्याय, एसीएम संतोष त्रिपाठी आदि अफसर रहेंगे।