पुल के नीचे से गुजरती राष्ट्रपति की ट्रेन और ऊपर से निकलता रहा ट्रैफिक
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के मन में अपने शहर कानपुर के तीन दिन के प्रवास के सुखद अनुभव के साथ जाम में फंसकर उद्यमी वंदना मिश्रा की मौत की टीस भी रही। सोमवार को लखनऊ रवाना होने से पहले राष्ट्रपति और उनकी पत्नी सविता कोविंद ने मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर समेत अन्य अफसरों से मुलाकात के दौरान इस पर नाराजगी जाहिर की।
कहा कि शहर में ट्रैफिक सुधार की बहुत जरूरत है। अव्यवस्थाओं से जनता के मन में जनप्रतिनिधियों और शासन-सत्ता के प्रति अविश्वास पैदा होता है। इसे रोकने की जिम्मेदारी आप सभी पर है। राष्ट्रपति ने पुलिस कमिश्नर असीम अरुण से कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था की बहुत शिकायतें मिली हैं। इसमें जल्द सुधार करें।
इस पर पुलिस कमिश्नर ने बताया कि विभाग में और पुलिस फोर्स बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे अव्यवस्थित यातायात को सुधारने में काफी मदद मिलेगी। साथ ही तकनीक की मदद से भी यातायात को दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर ने भरोसा दिया कि जनता की सहूलियत का हर स्तर पर ध्यान रखा जाएगा। उनके जवाब पर राष्ट्रपति ने संतुष्टि जाहिर की।
मेरा काफिला 20 मिनट रोक दें, फर्क नहीं
राष्ट्रपति ने एक बार फिर वंदना मिश्रा की मौत पर अफसोस जाहिर करते हुए पुलिस कमिश्नर से कहा कि ऐसी की घटना की पुनरावृत्ति न हो। इस पर पुलिस कमिश्नर ने उन्हें बताया कि रविवार को उनके काफिले की रफ्तार इस कारण ही धीमी की गई थी कि एंबुलेंस को रास्ता दिया जा सके। शुक्रवार की घटना से हमें बड़ा सबक मिला है।
भविष्य में इस तरह की गलतियां नहीं होंगी। जब भी अधिक समय के लिए ट्रैफिक रोकने की नौबत होगी, एंबुलेंस और बीमार लोगों के लिए एक लेन आरक्षित की जाएगी। कोशिश होगी कि ट्रैफिक कम से कम समय के लिए रुके। इस पर राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी स्थिति में मेरी फ्लीट 20 मिनट तक रोक दी जाए, कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन एंबुलेंस को हर हाल में जाने दिया जाए।
राष्ट्रपति की पत्नी ने भी जताई नाराजगी
मुलाकात के दौरान मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद ने भी पुलिस कमिश्नर से वंदना मिश्रा प्रकरण पर नाराजगी जाहिर की। सवाल किया कि प्रोटोकॉल के नाम पर इतनी देर तक ट्रैफिक रोकने का क्या मतलब कि किसी की जान चली जाए। उन्होंने भी व्यवस्था में सुधार की नसीहत दी।
मंडलायुक्त ने भी दिया सुधार का भरोसा
मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने राष्ट्रपति को बताया कि कानपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ट्रैफिक सुधार के लिए 50 करोड़ रुपये की धनराशि सुरक्षित कर दी गई है। इससे ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि शहर का ट्रैफिक व्यवस्थित तरीके से चल सके। बहुत जल्द व्यापक बदलाव नजर आएंगे। इस दौरान जिलाधिकारी आलोक तिवारी भी मौजूद रहे।