महोबा। शहरियों को पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए अब जिला प्रशासन शहर के ऐतिहासिक तालाबों को लबालब करवाएगा। इसके लिए प्रशासन ने कार्ययोजना बनाई है। ऐतिहासिक चंदेलकालीन कीरत सागर और मदन सागर तालाब को अर्जुन सहायक परियोजना की नहर से भरवाया जाएगा। वहीं जल संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर पानी को संरक्षित करने के लिए तालाबों की खुदाई का काम भी शुरू कर दिया गया है।
शहर के ऐतिहासिक चंदेल कालीन कीरत सागर और मदन सागर तालाब को शहर से चार किमी दूर अर्जुन सहायक परियोजना की नहर से पानी लेेकर भरा जाएगा। इसको लेकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय प्रसाद को दिशा निर्देश दिए हैं। इस बाबत डीएम ने बताया कि मदन सागर और कीरत सागर तालाब को भरने के लिए कबरई बांध से पानी लिया जाएगा। तालाब ऊंचाई पर हैं और नगर का पानी नीचे है, जिससे पानी को तालाबों तक पहुंचाने के लिए पंप कैनाल सिस्टम स्थापित किया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय प्रसाद ने बताया कि तालाबों को भरने के लिए एस्टीमेट बनाकर इस पर काम किया जाएगा।
उधर, जल संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर जिलेभर में पानी को संरक्षित करने के लिए तालाबों की खुदाई की जा रही, जिससे बरसात में खेत का पानी खेत में संरक्षित किया जा सके। वहीं, अब ऐतिहासिक तालाबों की सफाई कर उन्हें भी भरने की तैयारी है। डीएम ने बताया कि कीरत सागर और मदन सागर तालाब का मत्स्य का पट्टा किया जाएगा। डायरेक्ट्रेट और वीड कंट्रोल जबलपुर से वैज्ञानिकों ने पहुंचकर निरीक्षण किया है। तालाब से करीब 85 फीसदी जलकुंभी निकाल दी गईं हैं। तालाब में बार-बार जलकुंभी न हो इसको लेकर वैज्ञानिकों से मदद ली जाएगी। मत्स्य पालन से समय-समय पर तालाबों की सफाई होती रहेगी।