स्मार्ट सिटी बनाने से पहले यूपी के कानपुर शहर को प्रदूषण मुक्त करने की योजना पर काम चल रहा है। इसके लिए शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर सड़क किनारे प्रदूषण मापक संयंत्र लगाए जाएंगे। जिससे इन स्थानों के प्रदूषण की स्थिति परखी जा सके।
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डेमाे पिक
इसी कड़ी में सिविल लाइंस क्षेत्र में पहला संयंत्र स्थापित किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से पूरे शहर में पांच स्थायी प्रदूषण मापक संयंत्र स्थापित हैं। अब शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर संयंत्र लगाने की कवायद शुरू की गई है। इस बीच प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सिविल लाइंस क्षेत्र में लगाए गए संयंत्र से एकत्र नमूनों की जांच की तो रिपोर्ट चाैंकाने वाली मिली। यहां पर प्रदूषण (पीएम 10) की मात्रा 500 तक पहुंच गई है जबकि सामान्य मात्रा सिर्फ 100 होनी है। चिड़ियाघर परिसर में पीएम 10 की मात्रा सामान्य 100 के करीब पाई गई थी।
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किदवई क्षेत्र में 300 से ज्यादा मिली थी। सिविल लाइंस में वायु प्रदूषण शहर का सर्वाधिक बताया गया है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि सिविल लाइंस में हो रहे निर्माण कार्यों की जगह पानी छिड़काव के बाद जब जांच की गई तो पीएम 10 की मात्रा 450 रही।
शहर में जगह-जगह प्रदूषण की जांच की वजह से आगामी पांच जून से जिला प्रशासन जन जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहा है। बढ़े हुए प्रदूषण के आधार पर वाहनों की ज्यादा आवाजाही पर सख्ती की जाएगी, साथ ही जगह-जगह हो रही खुदाई पर भी रोक लगाया जाएगा।