टेक्नीशियन, पैरामेडिक ल स्टाफ की भी कमी
अस्पतालों में डॉक्टरों के अलावा लैब टेक्नीशियन और पैरा मेडिकल स्टाफ की भी कमी है। निजी अस्पतालों को भी प्रशिक्षित स्टाफ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज में सीटें खाली हैं। प्रस्ताव ठंडे बस्ते में हैं। कोरोना काल में अकेले जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में डेढ़ सौ पैरा मेडिकल स्टाफ और टेक्नीशियन की व्यवस्था आउट सोर्सिंग से की गई थी।
आबादी के हिसाब से तो मेडिकल स्टाफ की संख्या बहुत कम है। डॉक्टरों के अलावा दूसरे मेडिकल स्टाफ की भी कमी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानक पूरा नहीं हो रहा है।
डॉ. एमके सरावगी, अध्यक्ष नर्सिंगहोम एसोसिएशन
विश्व स्वास्थ्य संगठन के हिसाब से तो मानक पूरा नहीं हो रहा है। इसके अलावा दूसरे जिलों से आने वाले रोगियों का भी लोड बढ़ता है। अस्पतालों में संसाधन तो जुटाए जा सकते हैं, लेकिन ऐसे डॉक्टरों की व्यवस्था तो नहीं हो सकती।
डॉ. एसी अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन