लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक दलों में संगठनात्मक फेरबदल की तैयारियां चल रही हैं। पार्टी सूत्रों की तरफ से कहा जा रहा है कि जिस पार्टी का प्रत्याशी जीतेगा या फिर जिसे अनुमान के मुताबिक बेहतर वोट हासिल होगा, ऐसे दलों के वर्तमान पदाधिकारियों को गुड लिस्ट में रखा जा सकता है।
जिस पार्टी की स्थिति चुनाव में उम्मीद से कम होगी, उनकी माइनस मार्किंग भी की जाएगी। भाजपा की उत्तर और दक्षिण जिला इकाई का गठन हुए दो वर्ष हुए हैं, क्योंकि गठन की प्रक्रिया काफी देर से हुई, इस वजह से इसके एक सीजन की अवधि पूरी हो चुकी है।