कानपुर देहात। प्रीपेड मीटर लगने से सहूलियत के दावे किए गए लेकिन धरातल पर समस्याएं बनी हैं। प्रीपेड मीटर में 600 रुपये बैलेंस होने के बाद भी बिजली गुल कर दी गई। शिकायत के 30 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। वहीं बैलेंस निगेटिव होने पर बिजली कटने और रिचार्ज के बाद दूसरे दिन बिजली आपूर्ति बहाल होने से उपभोक्ता खासे परेशान हैं।
जिले में करीब 25 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। हालांकि करीब 18 हजार स्मार्ट मीटर की बिलिंग शुरू हो सकी है। इसमें भी करीब पांच हजार से अधिक मीटर प्रीपेड किए गए हैं। प्रीपेड किए गए मीटरों में निगेटिव बैलेंस पर बिजली गुल होने और रिचार्ज के बाद भी कई-कई दिनों तक आपूर्ति बहाल न होने की दिक्कतें बनी है। इधर प्रीपेड मीटर में पर्याप्त बैलेंस (धनराशि) होने के बाद भी बिजली गुल होने के मामले सामने आ रहे हैं। इसकी वजह से अकबरपुर में लोगों ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध कर दिया। शिकायत के बाद भी बिजली निगम के अधिकारी समाधान नहीं करा पा रहे हैं।
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खामियों पर लोगों में गुस्सा, अकबरपुर में टला स्मार्ट मीटर लगना
स्मार्ट मीटर लगाने के बाद पहले कनेक्शन पोस्टपेड रहता था। बाद में इसे प्रीपेड में बदल दिया जाता था। जानकारों का कहना है कि कनेक्शन प्रीपेड या पोस्टपेड रहेगा यह ग्राहक तय कर सकता था लेकिन अब स्मार्ट मीटर लगाकर प्रीपेड कर दिए जा रहे हैं। करीब दो से तीन माह बाद ही बिलिंग शुरू हो पाती है तो बकायेदारी बढ़ जाती है। इसके बाद बैलेंस निगेटिव कर बिजली गुल कर दी जाती है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष महेश अग्रवाल ने बताया कि बिना चेतावनी निगेटिव बैलेंस में बिजली गुल कर दी जा रही है। इससे लोगों में नाराजगी है। वहीं रिचार्ज करने के बाद भी घंटों बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने की दिक्कत बनी है। वहीं, नियम है कि दो घंटे में बिजली आपूर्ति बहाल न होने पर प्रतिदिन 50 रुपये मुआवजा बिजली निगम ग्राहक को देगा। इधर जीनस कंपनी के सर्किल इंचार्ज गोविंद सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी का काम केवल स्मार्ट मीटर लगाना है। बिजली निगम बिलिंग करने के लिए उत्तरदायी है। गड़बड़ी पर कुछ लोगों ने मीटर लगाए गए कर्मियों से मारपीट तक कर दी। इसकी वजह से अकबरपुर में फिलहाल स्मार्ट मीटर लगाना टालना पड़ा है। अब पुखरायां में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
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वर्जन..........
बिलिंग या प्रीपेड मीटर संबंधी दिक्कतों के लिए ह्वाटसएप पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का ग्रुप बना है। नगर की प्रीपेड मीटर बैलेंस और बिजली आपूर्ति बंद होने की शिकायतें इस ग्रुप पर साझा कर दी गई हैं। समाधान का प्रयास किया जा रहा है। कई बार तकनीकी खामी की वजह से ऐसा हो जाता है। अधिकांश मामलों में प्रीपेड रिचार्ज करने के बाद दो घंटे में बिजली आपूर्ति बहाल हो जाती है। - रवि प्रताप सिंह, विद्युत उपखंड अधिकारी अकबरपुर ।
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केस एक :
फोटो-4 अक्षय प्रताप, कन्हैया नगर।
प्रीपेड मीटर में 600 रुपये बैलेंस, घर की बिजली गुल
हर माह नियमित बिल जमा करते हैं। 30 मार्च को ही 1100 रुपये जमा किए। यूपीपीसीएल के ऐप पर आईडी बना रखी है। प्रीपेड मीटर बैलेंस 600 रुपये दिख रहा है। इधर सोमवार दोपहर एक बजे घर की बिजली गुल हो गई। एसडीओ से शिकायत की इसके बाद मंगलवार शाम बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी है। स्मार्ट मीटर लगवा कर फंस गए हैं। - अक्षय प्रताप, कन्हैया नगर।
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केस दो :
फोटो- 5 वसी अहमद, कालीगंज।
निगेटिव बैलेंस पर कटी बिजली, रिचार्ज पर भी नहीं जुड़ी
प्रीपेड मीटर का बैलेंस करीब 200 रुपये निगेटिव होने पर बिजली कट गई। इसपर 500 रुपये जनसेवा केंद्र से रिचार्ज करा दिया। तब भी पूरी रात बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई। एसडीओ अकबरपुर से शिकायत की। मंगलवार को 300 रुपये का और रिचार्ज कराए। अब प्रीपेड मीटर का बैलेंस 922 रुपये दिख रहा है। 30 घंटे बाद बिजली चालू हुई। - वसी अहमद, कालीगंज।
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केस तीन :
फोटो-6 सिराज, कालीगंज।
11944 रुपये जमा किए, बैलेंस निगेटिव दिख रहा
प्रीपेड मीटर का बैलेंस 140 रुपये था। पुराना पोस्टपेड बकाया 11944 रुपये ऐप पर दिखा तो 13 मार्च को भुगतान कर दिया। इसके बाद प्रीपेड मीटर बैलेंस निगेटिव में 12957 रुपये हो गया। पुराना पोस्टपेड का बकाया भी 5437 रुपये दिख रहा है। ऐसे में कभी भी बिजली गुल होने का डर सता रहा है। शिकायत की लेकिन समाधान नहीं हो सका है। - सिराज, कालीगंज।