चित्रकूट में प्रदेश सरकार जननी सुरक्षा के लिए लाखों की धनराशि खर्च रही है। बावजूद इसके विभागीय अनदेखी के चलते योजनाएं परवान नहीं चढ़ पाती। स्वास्थ्य सेवाएं जनपद में पूरी तरह बदहाल है। सबसे बदतर स्थिति तो जननी सुरक्षा योजना की है। आएदिन जच्चा-बच्चा की मौत के मामले प्रकाश में आ रहे हैं।
बीती रात दर्द से कराहती गर्भवती को समय पर एंबुलेंस न मुहैया होने से परिजन किसी तरह निजी साधन से अस्पताल ले गए। जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने एंबुलेंस व्यवस्था पर सवालिया निशान उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मानिकपुर तहसील अंतर्गत ग्राम नयाचंद्रा के कमलेश यादव की पत्नी सबिता (25) को शनिवार की देर रात प्रसव वेदना के चलते परिजनों ने गांव से मानिकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तक ले जाने को 102 एंबुलेंस पर फोन किया।