कानपुर देहात। अकबरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत कुईतखेड़ा में विकास कार्यों के नाम पर 2, 72, 373 लाख रुपये निकाल कर वित्तीय अनियमितता की गई। शिकायत पर हुई जांच में प्रधान पुत्र के नाम पर दो लाख से अधिक भुगतान पाया गया। मामले में तत्कालीन तीन ग्राम पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधान को दोषी माना गया। जिलाधिकारी ने प्रधान के अधिकारी निलंबित कर सचिवों के निलंबन के आदेश दिए हैं। डीपीआरओ ने दो तत्कालीन सचिव को निलंबित कर दिया है। धनराशि की भी संबंधित से वसूली की जाएगी।
कुईतखेड़ा निवासी नवनीत कुमार ने शपथपत्र के साथ 23 जुलाई 2024 को जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसमें नाली निर्माण, इंटरलाकिंग निर्माण व हैंडपंप मरम्मत में फर्जी तरीके से भुगतान कर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए थे। ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में गड़बड़ी व फर्जी तरह से भुगतान किए जाने के आरोप की जिला पूर्ति अधिकारी से जांच कराई गई। जांच अधिकारी ने 22 मई 2025 को जांच रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को भेज दी थी।
जांच रिपोर्ट में बताया गया कि डामर रोड से मिलन केंद्र तक इंटरलाकिंग निर्माण कार्य में बिना रोड़ी डाले 13, 483 का भुगतान किया गया। वहीं, जय सिंह नाम के व्यक्ति को उसके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते में 27, 660 रुपये का नियम विरुद्ध भुगतान किया गया। साथ ही प्रधान ब्रजेंद्र सिंह के पुत्र कपूर सिंह के स्टेट बैंक अकबरपुर के खाते में अलग-अलग मदों में 2, 31, 230 रुपये का भुगतान नियम विरुद्ध किया गया। इस तरह ग्राम पंचायत की राज्य वित्त एवं केंद्र वित्त निधि से 2, 72, 373 लाख का गलत ढंग से भुगतान किया गया, जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में पाया गया।
इस पर ग्राम प्रधान ब्रजेंद्र सिंह, तत्कालीन सचिव स्नेहा राजपूत, प्रियंका शुक्ला व सीमा पाल को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी ने संबंधित को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा। समय पर जवाब नहीं मिलने पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार निलंबित करने के साथ सचिवों के निलंबन के निर्देश दिए। इसके बाद प्रधान के अधिकार निलंबन के साथ सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी
ग्राम पंचायत कुईतखेड़ा में वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर जांच कराई गई थी। जांच में आरोप सही पाए गए। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रधान के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारी निलंबित किए गए हैं। मेरे स्तर से तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी सीमा पाल व प्रियंका शुक्ला को निलंबित किया गया है। ग्राम विकास अधिकारी स्नेहा राजपूत के निलंबन के लिए जिला विकास अधिकारी को पत्र लिखा गया है। गलत ढंग से निकाली गई धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी।
- विकास पटेल, जिला पंचायत राज अधिकारी
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गठित होगी तीन सदस्यीय समिति
- डीपीआरओ ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद सहायक विकास अधिकारी पंचायत अकबरपुर को निर्देश दिए गए हैं कि वह खंड विकास अधिकारी अकबरपुर से संपर्क कर कुईतखेड़ा ग्राम पंचायत में तीन सदस्यीय ग्राम समिति का गठन कराएं। ताकि गांव के विकास कार्य कराने में परेशानी न हो। अंतिम जांच कार्यवाही पूर्ण कर स्पष्ट जांच रिपोर्ट देने के निर्देश जिला युवा कल्याण अधिकारी को दिए गए हैं।