बीएससी फर्स्ट ईयर और सेकेंड ईयर के प्रैक्टिकल में ग्रेडिंग सिस्टम का मामला राज्यपाल राम नाईक तक पहुंच गया। उत्तर प्रदेश स्व वित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन की शिकायत के बाद राज्यपाल ने कानपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन से पूरी रिपोर्ट मांगी है।
कानपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध राजकीय, अनुदानित, निजी डिग्री कॉलेजों के बीएससी फर्स्ट ईयर और बीएससी सेकेंड ईयर के प्रैक्टिकल में ग्रेडिंग सिस्टम लागू कर दी गई है। ग्रेडिंग का मामला उप्र के राज्यपाल राम नाईक तक पहुंच गया। इस ग्रेडिंग सिस्टम का एसोसिएशन ने विरोध किया। अध्यक्ष विनय त्रिवेदी और संयोजक डॉ. बृजेश भदौरिया ने इसी सिलसिले में राज्यपाल से मुलाकात भी की थी। पदाधिकारियों ने कहा था कि ग्रेडिंग से स्टूडेंटों की मेरिट बिगड़ जाएगी। शिक्षक भर्ती सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की दौड़ स्टूडेंट बाहर हो जाएंगे।
अब राज्यपाल ने रिपोर्ट तलब की है। राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी चंद्र प्रकाश ने कहा है कि स्टूडेंट के नुकसान और फायदे की जानकारी राजभवन को जल्द उपलब्ध कराई जाए।