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पीपीपी मॉडल के औद्योगिक क्षेत्र मई में

Thu, 05 May 2016 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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यूपीएसआईसी बोर्ड की बैठक में शामिल एमडी मनोज सिंह, चेयरमैन हुलास सिंहल, वाइस चेयरमैन संदीप बंसल (दाएं से) व अन्य - फोटो : amarujala
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कानपुर। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड (यूपीएसआईसी) की ओर से प्रस्तावित पीपीपी मॉडल के इंडस्ट्रियल एस्टेट मई में साकार रूप ले लेंगे। शासन स्तर पर इसे मंजूरी मिल गई है। यह जानकारी एमडी मनोज सिंह ने बुधवार को यूपीएसआईसी कार्यालय में बोर्ड मीटिंग के दौरान अधिकारियों को दी।
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उन्होंने निर्देश दिए कि पीपीपी मॉडल के औद्योगिक क्षेत्र के लिए आने वाले आवेदनों पर कार्यवाही शुरू कर दें। इसमें 15 से 100 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल शेड बनाए जाएंगे। इसमें यूपीएसआईसी फैसिलिटेटर की भूमिका अदा करेगा ताकि आवेदकों को किसी काम के लिए भटकना न पड़े। यह विभाग की महत्वाकांक्षी योजना है। आवेदकों में इसका गलत संदेश न जाए। इंडस्ट्रियल एस्टेट विकसित करने के लिए किसान से लेकर बिल्डर और कोलोनाइजर तक आवेदन कर सकते हैं। एमडी ने बताया कि कानपुर आगरा और इलाहाबाद से दो दर्जन से अधिक लोगों ने इंडस्ट्रियल एस्टेट बसाने का प्रस्ताव यूपीएसआईसी को भेजा है। इस दौरान यूपीएसआईसी बोर्ड के चेयरमैन हुलास राय सिंहल, वाइस चेयरमैन संदीप बंसल, डिप्टी चीफ मैनेजर अजय शर्मा आदि मौजूद रहे।
सर्किल रेट के आधार होगी लीज डीड
अमौसी औद्योगिक क्षेत्र के पास औद्योगिक भूखंडों की लीज डीड नहीं हो पाने पर उद्यमियों से राय मशवरा लेने को कहा गया है। एमडी मनोज सिंह ने कहा कि उद्यमी यदि सहमत होते हैं, तो वर्तमान सर्किल   रेट के आधार पर लीज डीड की जा सकती है।
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11 फीसदी डीए बढ़ा
यूपीएसआईसी के कर्मचारियों को 11 फीसदी डीए का भी तोहफा दिया गया। बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पास हुआ।  
131. 79 करोड़ का लक्ष्य
बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2016-17 में निगम के लिए 131.79 करोड़ रुपये विक्रय का लक्ष्य रखा है। निगम प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों को कोयला, अलौह तत्व और अन्य तरह की सामान विक्रय करता है।
आउट सोर्सिंग के लिए होगा टाईअप
यूपीएसआईसी का अस्तित्व बचाने के लिए निगम के प्रमुख काम आउट सोर्सिंग को और बढ़ाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश भर के अन्य विभागों से टाईअप किया जाएगा। बोर्ड बैठक में यह दूसरा महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास हुआ। एमडी ने बताया कि अब आउटसोर्सिंग के लिए पंचायती राज विभाग, डूडा, डाक विभाग, नगर निगम या समाज कल्याण विभाग के सर्वे या अन्य तरह के काम के लिए कर्मचारियों की जरूरत भी यूपीएसआईसी ही पूरी करेगा। इसके लिए सभी विभागों को पत्र भेजकर उनकी जरूरत को समझा जाएगा और उन्हें मैनपावर उपलब्ध करवाया जाएगा।
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