प्रतियोगिता के माध्यम से आत्महत्या रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य, संवाद और भावनात्मक सहयोग के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनूप कुमार सिंह ने किया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण बताया।
पांच समूहों ने लिया हिस्सा
लघु नाटिका प्रतियोगिता में महाविद्यालय के पांच समूहों ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने नाटिकाओं के माध्यम से मानसिक तनाव, संवाद की जरूरत, भावनात्मक सहयोग और आत्महत्या की रोकथाम से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य को लेकर संवाद और जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। इस अवसर पर डॉ. तारेश भाटिया और प्रो. आभा सिंह द्वारा निर्मित मनोवैज्ञानिक परीक्षण ‘माइंडफुलनेस स्केल’ का भी प्राचार्य ने विमोचन किया।
निर्णायक मंडल ने किया मूल्यांकन
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. राजेश गुप्ता, प्रो. टीबी सिंह और डॉ. अनीता राय शामिल रहे। उन्होंने प्रतिभागी समूहों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का आयोजन प्रो. आभा सिंह ने किया। संचालन डॉ. मनु चौहान ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रश्मि मिश्रा ने किया।