नोट बंदी की मार आलू किसानों पर पड़ी है। एक माह पूर्व 850 रुपये पैकेट बिकने वाला आलू 250-300 रुपये प्रति पैकेट पर आकर गिर गया है। फुटकर बाजार में अभी भी उछाल बना है। किसानों का कहना है कि एक सप्ताह बाद कोल्ड का आलू निकालकर फेंकने की नौबत आ जाएगी।
नोट बंदी का आलू किसानों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। तरपुरवा गांव के आलू व्यापारी रघुवीर सिंह किशन बताते हैं कि उन्होंने कोल्ड में आलू जमा कराया था, लेकिन आलू 250 रुपये पैकेट में लेने को कोई तैयार नहीं है। ठठिया के इनायतपुर गांव निवासी आलू व्यापारी प्रभात तिवारी कहते हैं कि उनका 130 पैकेट आलू कोल्ड स्टोरेज में पड़ा है। आलू निकालने के लिए पैसे नहीं है। मंडी में मंदी चल रही है।
फर्रुखाबाद जिले में करीब एक लाख मीट्रिक टन आलू जिले के 65 शीतगृहों में भंडारित है। शीतगृह के मालिक उमेश अग्रवाल का कहना है कि नोट न चलने की दशा में काश्तकारों को उधारी पर आलू शीतगृहों से निकलवा रहे हैं। इसके बाद भी निकासी न के बराबर है। दूसरी तरफ नया आलू मौजूदा समय में 351 से लेकर 400 रुपये प्रति पैकेट बिक रहा है। 100 रुपये आलू के दाम प्रति क्विंटल कम हो गए हैं।