गरीबी और तंगहाली के बावजूद जेईई एडवांस-2018 में सफलता हासिल करने वाले उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के 45 छात्रों से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुलाकात करेंगे। बुधवार को राष्ट्रपति कार्यालय ने इन बच्चों से मुलाकात के लिए आईआईटी प्रशासन को विशेष इंतजाम करने को कहा है। इन बच्चों के साथ सीएसआरएल सुपर-30 के निदेशक एसके शाही भी मौजूद रहेंगे। शाही ने बताया कि सेंटर फॉर सोशल रिस्पांसबिलिटी एंड लीडरशिप (सीएसआरएल) सुपर-30 के तहत कानपुर सहित देश के 20 शहरों में किसान, मजदूर, बेसहारा बच्चों को जेईई मेंस और एडवांस की तैयारी कराई जाती है। इस बार अकेले कानपुर केंद्र के 100 छात्रों में से 99 ने जेईई मेंस में सफलता हासिल की थी। जबकि, 52 ने एडवांस में भी अपना परचम लहराया। इन्हीं 52 छात्रों में से 45 छात्र गुरुवार को राष्ट्रपति से विशेष मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति छात्रों से संवाद करेंगे और फोटो उनके साथ खिंचवाएंगे। एसके शाही के मुताबिक मुलाकात के लिए सभी 52 छात्रों को आना था, लेकिन सात शहर से बाहर हैं। इनमें से ज्यादातर छात्र किसान, मजदूर, फुटकर दुकानदार के घर से ताल्लुक रखते हैं।
कई सरकारी विभागों से मिलती है मदद
एसके शाही के मुताबिक सीएसआरएल सुपर-30 की शुरुआत उन्होंने जनवरी-2008 में की थी। इस प्रोग्राम के तहत गरीब बच्चों को मुफ्त में आईआईटी की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराई जाती है। छात्रों के रहने और खाने-पीने तक का खर्च सीएसआरएल सुपर-30 ही उठाता है। इसके लिए ओएनजीसी, एनटीपीसी, गेल, ऑयल इंडिया जैसी कई कंपनियां सीएसआर के तहत आर्थिक मदद देती हैं।
अब मेडिकल की भी तैयारी कराएंगे
शाही ने बताया कि नए सत्र से मेडिकल के लिए भी गरीब छात्रों को मुफ्त कोचिंग की सुविधा दी जाएगी। शुरुआत में असम और मुंबई में केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके बाद अन्य शहरों में भी इसके केंद्र शुरू होंगे।