कानपुर स्थित जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज सहित देश के सभी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस, बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) पाठ्यक्रम में गरीब सवर्ण आरक्षण (ईडब्ल्यूएस) इसी साल लागू किया जाएगा। इससे एमबीबीएस की सीटों में करीब 25 फीसद बढ़ोतरी होगी।
हालांकि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने पूरे दस प्रतिशत ईडब्ल्यूएस कोटे को दो चरणों में लागू करने का फैसला लिया है। मतलब कॉलेज की सुविधाओं के अनुसार तय होगा कि किस कॉलेज में कितने प्रतिशत आरक्षण (10 प्रतिशत में से) इस साल लागू किया जाएगा।
एमसीआई ने इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेजों से शिक्षकों की संख्या, सुविधाएं, क्लास रूम, हॉस्टल आदि की जानकारी मांगी है। वहीं काउंसिल ने परास्नातक कोर्स में सत्र 2020-21 से ईडब्ल्यूएस कोटा लागू करने का फैसला लिया है। काउंसिल ने इसके लिए भी आदेश जारी कर दिया है।
आदेश में काउंसिल ने फिलहाल पीजी कोर्सेज का जिक्र किया है। यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 10 प्रतिशत गरीब सवर्ण आरक्षण लागू करने के लिए सभी कॉलेजों को काउंसिल के मानक पूरे करने होंगे। कई बिंदुओं में काउंसिल ने मानक भी निर्धारित किए। मानकों की जानकारी 15 मई तक सभी कॉलेजों को भेजनी है।
बीओजी में रखा जाएगा प्रस्ताव
काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि एमबीबीएस में गरीब सवर्ण आरक्षण लागू करने के लिए कॉलेजों से आवेदन आने के बाद प्रस्ताव को काउंसिल के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद ही तय होगा कि किस कॉलेज में आरक्षण से कितनी सीटें बढ़ेंगी। इसके लिए कॉलेजों को अपने यहां शिक्षकों की संख्या, ट्रेनिंग की सुविधाएं, छात्रों के लिए सुविधाएं, टीचिंग सुविधाएं, बेड आदि जरूरी सुविधाओं को व्यवस्थित करने को कहा है।
एमबीबीएस की 66771 और बीडीएस की 27148 सीटों पर दाखिला
न्यू लाइट कोचिंग के निदेशक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि अभी तक देश भर के 465 कॉलेजों में एमबीबीएस की 66771 सीटें हैं। इनमें 216 सरकारी कॉलेजों में 30455 सीटें जबकि 247 निजी कॉलेजों में 30165 सीटें हैं। दो सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कुल 151 सीटें हैं। बीडीएस में कुल 47 कॉलेज सरकारी हैं जिनमें 2930 सीटें निर्धारित हैं। प्राइवेट सेक्टर में 260 कॉलेज हैं जिनकी 24130 सीटों पर छात्रों को दाखिला दिया जाएगा। दो सेंट्रल यूनिवर्सिटी की 88 बीडीएस सीटों पर भी छात्र काफी दिलचस्पी रखते हैं। अब जब ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत सीटें बढ़ाई जानी हैं तो करीब पांच हजार अधिक छात्रों को इसका लाभ मिल सकेगा।
यूपी में सबसे ज्यादा मारामारी
यूपी में एमबीबीएस के लिए 15 सरकारी कॉलेज हैं जिनकी 2199 सीटों पर दाखिला दिया जाता है। इसी तरह 30 निजी क्षेत्र के कॉलेज हैं जहां कुल 4150 सीटें निर्धारित हैं। बीडीएस में तीन सरकारी कॉलेजों में कुल 190 सीटें और 24 प्राइवेट कॉलेजों में कुल 2400 सीटें हैं। इन सीटों के लिए यूपी में काफी मारामारी होती है। ऐसे में एमबीबीएस और बीडीएस की सीटों में बढ़ोतरी का फायदा भी यहां के छात्रों को अधिक मिलेगा।