कानपुर। महानगर के जूही हलवा के पास राखी मंडी और कानपुर देहात के रनिया में खान चंद्रपुर गांव आज भी प्रदूषण से मुक्त होने की बाट जोह रहा है। जूही की राखी मंडी में राख की वजह से आसपास के सैकड़ों घर में रहने वाले हजारों लोग सांस और तरह-तरह की बीमारियों से ग्रसित है। जबकि खान चंद्रपुर गांव के आसपास भारी मात्रा में पड़ा हुआ रासायनिक कचरा लोगों के जीवन मैं जहर घोल रहा है। दोनों स्थानों पर फैले हुए रासायनिक कचरे को हटाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भी कई बार शक्ति से स्थानीय जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को भी आदेश जारी किया। इसके बावजूद समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। रनिया के खान चंद्रपुर में काफी समय पहले कई फैक्ट्रियां स्थापित थी, जिनका रासायनिक कचरा फैक्ट्री के आसपास ही जमा किया जाता रहा। समय-समय पर स्थानीय लोगों की तरफ से इसकी शिकायत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन से की जाती रही है लेकिन इस पूरे मसले पर गंभीरता से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। करीब एक साल पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की तरफ से खानपुर गांव में जिन जिन औद्योगिक इकाइयों की तरफ से रासायनिक कचरा फेंका गया था, उनके खिलाफ करोड़ों का जुर्माना लगाया था। इसके लिए औद्योगिक इकाइयों के संचालकों को तय समय में जुर्माना भरने का भी आदेश दिया गया था। इन दोनों स्थानों पर समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। लोगों को प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के साथ-साथ इन क्षेत्रों में जमीन के नीचे का पानी भी खराब हो चुका है। ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश पर इन दोनों स्थानों पर लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करने को कहा गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर देहात की तरफ से एक बार फिर से खानचंद पुर गांव की औद्योगिक इकाइयों को रिमाइंडर भेज कर जुर्माने की राशि जमा करने को कहा गया है। इन औद्योगिक इकाइयों में कई पार्टियों के बड़े नेताओं की इकाइयां स्थापित रही है। इस मामले में एक बार फिर से प्रदेश सरकार की तरफ से जुर्माना वसूलने और इन क्षेत्रों को प्रदूषण मुक्त करने की पहल शुरू की गई है।