फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों पर होगा पुनर्विचार

Fri, 07 Nov 2025 01:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात। जिले में 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों पर पुनर्विचार किया जाएगा। गुरुवार को जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक की, जिसमें मतदेय स्थलों को लेकर चर्चा की।
विज्ञापन

जिला निर्वाचन अधिकारी कपिल सिंह ने बैठक में कहा कि सात नवंबर तक मतदेय स्थलों का प्रस्ताव तैयार कर लिया जाए। इससे संबंधित आपत्तियां व सुझाव लेने के लिए सूची का प्रकाशन दस नवंबर को करने के साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएंगी। बताया कि संसद व विधानसभा सदस्यों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर 18 नवंबर को सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को अनुमोदन के लिए 19 से 21 नवंबर के बीच भेजा जाएगा। वहां से मतदेय स्थलों के संभाजन संबंधी प्रस्ताव आयोग को 24 नवंबर को प्रेषित होगा।
बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एक मतदेय स्थल पर अधिकतम 1200 मतदाता होने चाहिए। 27 अक्तूबर 2025 की स्थिति के अनुसार जिले में वर्तमान में विधानसभा रसूलाबाद में 385, अकबरपुर रनियां में 384, सिकंदरा में 405 व भोगनीपुर में 403 मतदेय स्थल हैं। कुल 1577 मतदेय स्थलों में से 1200 मतदाताओं के आधार पर अतिरिक्त 96 नए मतदेय स्थलों के प्रस्ताव पर विचार किया गया है। बैठक में आप पार्टी से रोहित यादव, सपा से डॉ. नरेंद्र सिंह, शेखू खान, बृजमोहन यादव, भाजपा से श्यामू शुक्ला, कांग्रेस से गोविंद यादव, सीपीआई से राम औतार भारती व बसपा से ज्ञानचंद संखवार शामिल हुए। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी अमित कुमार, संबंधित एसडीएम मौजूद रहे।
विज्ञापन

.................
मतदाता के निवास का होगा सत्यापन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि भवन के सत्यापन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदाता वास्तव में उसी क्षेत्र में निवास करते हों। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाएगा कि किसी पोलिंग स्टेशन लोकेशन पर मतदाताओं की संख्या संतुलित हो। एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग अनुभागों में न विभाजित हो और मतदेय स्थलों के क्रमवार रनिंग सीरियल नंबर विधानसभावार निर्धारित किए जाए। इसके अलावा जर्जर भवनों वाले केंद्रों को नए, स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा। जहां मतदाताओं को दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ती, वहां किसी परिवर्तन की आवश्यकता नहीं होगी। यदि कोई केंद्र अपने मतदान क्षेत्र से बाहर स्थित है और अब उपयुक्त भवन उपलब्ध है, तो उसे उसी क्षेत्र के भीतर स्थानांतरित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें