कानपुर देहात। पंचायत चुनाव के नए आरक्षण को लेकर दावेदारों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। मंगलवार को आखिरी दिन 1209 आपत्तियां दर्ज हुई। बीते दो दिनों में कुल 1619 आपत्तियां दर्ज की गई। अब इनका निस्तारण किया जाएगा।
अकबरपुर विकासखंड के पतारी गांव के प्रियंक दीक्षित ने डीपीआरओ को आपत्ति देकर बताया कि ग्राम पंचायत में कुल 1295 मतदाता हैं। जिसमे 62 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग, 19 प्रतिशत अनुसूचित जाति व शेष मतदात अल्पसंख्या व सामान्य वर्ग के हैं। पिछले 25 सालों में ग्राम प्रधान की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित नहीं की गई। अनुसूचित जाति के लिए 2010 में सीट आरक्षित की गई थी। इसके बावजूद इस बार भी प्रधान की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई। रसूलाबाद ब्लाक की तिस्ती गांव के जय नारायण शुक्ल ने आपत्ति दर्ज कराई है कि तिस्ती सूरजपुर ग्राम प्रधान पद का आरक्षण नियमानुसार नहीं किया गया है। 2015 में उक्त सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित थी। उसके पूर्व पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुई। चक्रानुसार इस बार ग्राम प्रधान सीट अनारक्षित होनी चाहिए। बताया कि पास की ग्राम सभा मुर्रा की कुल आबादी का 90 प्रतिशत अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग होने के बावजूद अनारक्षित की गई है। सिकंदरा तहसील क्षेत्र के साहबपुर गांव के रहने वाले रामफल कटियार ने जिला पंचायत शाहजहांपुर सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित करने पर आपत्ति दर्ज कराई है।
डीपीआरओ अनिल कुमार ने बताया कि दूसरे दिन 228 ग्राम पंचायतों की प्रधान पद के लिए 1179 आपत्तियां, क्षेत्र पंचायत के तीन वार्डों के लिए 6, ब्लाक प्रमुख के दो पद के लिए 3 व जिला पंचायत के छह वार्डों के लिए 21 समेत कुल 1209 आपत्तियां दर्ज हुई हैं।