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Kanpur: पुलिसकर्मियों ने दुकानदार को बेरहमी से पीटा, मीट देने से किया था मना, पुलिस कमिश्नर से की शिकायत

Sun, 02 Jun 2024 03:55 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: एसीपी नौबस्ता मंजय सिंह ने बताया कि दुकानदार और अन्य कर्मचारियों को दफ्तर बुलाकर बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में मारपीट के आरोप सही पाए गए हैं। अब सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी नंबर व नाम के आधार पर पुलिस कर्मियों व अन्य व्यक्तियों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में सचेंडी, नौबस्ता के बाद पुलिस की गुंडागर्दी का बर्रा थाना क्षेत्र में एक मामला सामने आया है। बर्रा में दुकान बंद होने के बाद मीट देने से मना करना दुकानदार को महंगा पड़ गया। कार सवारों ने पहले पुलिसकर्मी बता धौंस जमाया फिर दुकानदार को बेरहमी से पीटा दिया। बीचबचाव करने पहुंचे कर्मचारियों को भी पीटा। दुकानदार की आंख में गंभीर चोंट के साथ ही कान का पर्दा फट गया।

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थाने में सुनवाई नहीं होने पर पीड़ित ने शनिवार को पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। पुलिस कमिश्नर ने एसीपी नौबस्ता को मामले की जांच सौंपी है। रतनलाल नगर निवासी शुभम सिंह गौतम ने बताया कि उन्होंने एक महीना पहले बर्रा छह पाल टावर के पास मीट की दुकान खोली है। 29 मई की रात करीब 12:15 बजे दुकान बंद कर रहा था, तभी एक कार से पांच युवक नशे की हालत में पहुंचे और मीट मांगा।

सरिया और खपचा उठाकर जमकर पीटा
खाना खत्म होने की बात कहने पर युवक भड़क गए और एक शख्स ने खुद को एसओ और दूसरे ने दरोगा बता पीटना शुरू कर दिया। तंदूर पर रखी सरिया और खपचा उठाकर जमकर पीटा। दुकान के कर्मचारी शंकर वाल्मीकि ने डायल-112 पर सूचना दी।  इस पर पुलिस कर्मियों ने शंकर को भी पीट दिया। वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो मोबाइल छीनकर तंदूर की भट्ठी में डाल दिया।

शनिवार को पुलिस कमिश्नर से की थी शिकायत
डायल-112 की गाड़ी आने पर भी पीटते रहे। शुभम के साथ ही अमित प्रताप, प्रद्युम्न तिवारी, शंकर बाल्मीकि, नितिन पाल को भी चोटें आई हैं।  पीड़ित का आरोप है कि जनता नगर चौकी और बर्रा थाने में सुनवाई न होने पर शनिवार को पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से शिकायत की। उन्होंने मामले में जांच एसीपी को सौंप दी है।
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जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी
एसीपी नौबस्ता मंजय सिंह ने बताया कि दुकानदार और अन्य कर्मचारियों को दफ्तर बुलाकर बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच में मारपीट के आरोप सही पाए गए हैं। अब सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी नंबर व नाम के आधार पर पुलिस कर्मियों व अन्य व्यक्तियों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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